रेवांचल टाईम्स- मप्र हाईकोर्ट ने सिवनी जिले की ग्राम पंचायत धनककड़ी के ग्राम रोजगार सहायक द्वारका राय की बर्खास्तगी का आदेश निरस्त कर दिया है । जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए बगैर बर्खास्त किया गया था , इसलिए आदेश निरस्त करने योग्य है । सिवनी जिले के लखनादौन निवासी द्वारका राय की ओर से याचिका दायर कर कहा गया कि वह ग्राम पंचायत धनककड़ी में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत था । वर्ष 2018 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लखनादौन ने एक दिन का नोटिस देकर उसकी सेवा समाप्त कर दी । अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी, असीम त्रिवेदी अपूर्व त्रिवेदी आशीष तिवारी ने तर्क दिया कि जवाब के लिए एक दिन का समय दिया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है । इसके अलावा नोटिस में लगाये गए आरोप अस्पष्ट और अपूर्ण थे । याचिकाकर्ता की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि पदच्युति का आदेश जिन आधारों पर किया गया उनका वर्णन और आरोप कारण बताओ नोटिस में नहीं थे। इसलिए पदच्युति का आदेश विधि विरुद्ध था । शासन की ओर से याचिका के प्रचलनशीलता के संबंध में इस आधार पर चुनौती दी गई कि पदच्युति के आदेश के विरुद्ध अपील का प्रावधान है और याचिकाकर्ता बिना अपील के प्रावधान का उपयोग किये हुए सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर नहीं कर सकता। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बर्खास्तगी का आदेश निरस्त कर दिया ।
विनोद दुबे के साथ रेवांचल टाईम्स की रिपोर्ट

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