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Thursday, June 10, 2021

कुम्भकर्ण की नींद सोया प्रशासन...





रेवांचल टाईम्स :- मंडला और आसपास नगर मैं कोरोना नियमों की उड़ रही धज्जिया बाजार एवं दुकानों में भीड़ भाड़ का आलम बरकरार

        जिले भर में लॉकडाउन 3.0 का आगाज हुआ। लॉकडाउन के तीसरे चरण के बाद भी दिन बा दिन बाजार में सरकारी पाबंदियों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही है जिला मुख्यालय तहसील नैनपुर क्षेत्र के बाजार में 4 बजे के बाद भी दुकानें खुली रहीं है तो दोपहर 4 बजे के बाद भी शहर की सड़कों पर चहल-पहल नजर आई। आलम यह रहा कि लोग मनमानी करते नजर आए


वही नगर में लोग बाग लॉकडाउन के नियमों से बेपरवाह दिखे। किराना दुकान हो या फल-सब्जी की दुकान। कहीं भी सामाजिक दूरी का पालन होता नहीं दिखा। दवा दुकानों पर भी भारी भीड़ उमड़ती नजर आ रही है लॉक डाउन खुलने के बाद नैनपुर में उमरिया में स्थित चक्कियों में रोजाना भीड़ भाड़ का आलम देखा जा रहा है दुकानदार बिना किसी की परवाह किये दुकान में सोशल डिस्टेंस के नियमो की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे है इस बीच बाजार में कई प्रतिबंधित दुकानें भी खुली नजर आईं। अबकी बार लॉकडाउन में 4 बजे के बाद भी शटर डाउन कर खरीद-बिक्री का खेल जमकर चल रहा है। लेकिन प्रशासन इसे सख्ती से निपटने में लाचार दिख रहा है।



दुकानों को 4 बजे के बाद भी कारोबार है जारी


लॉकडाउन में दुकानदारों की मनमानी चरम पर हैं। स्थिति यह है कि  दुकानों को  4 बजे का समय दिया गया है लेकिन उसके बाद भी दुकानदार  दुकान खोल समान बेचने में जुटे हैं। बावजूद प्रशासन सख्ती बरतने से बाज नही आ रहा है। हालांकि जिले में कोरोना वायरस संक्रमण पर रोक लगी है। काफी हद तक कोरोना संक्रमितों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।बावजूद लापरवाही किसी भी वक्त भारी पड़ सकती है।

अभी भी कई पड़ोसी जिले अब भी कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप से जूझ रहे हैं।  ऐसे में  सतर्कता बरतनी होगी। 


सुबह में वाहनों की भरमार, नहीं होती कोई कार्रवाई


लॉकडाउन के दौरान सुबह 9 बजे से पूर्वाह्न 4 बजे तक जरूरी खाद्य सामग्री, फल-सब्जी, मांस-मछली की दुकान के अलावा आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों को सम्पन्न किया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए सुबह 9 बजे से  4 बजे दोपहर तक का समय निर्धारित है। लेकिन देखा जाएं, तो शहर में इन पाबंदियों का कम ही असर देखने को मिल रहा है।

आवश्यक खरीदारी के दौरान बाजार में जबरदस्त भीड़ उमड़ती है, जो निर्धारित अवधि के बाद भी बनी रहती है। बेवजह सड़कों पर घूमनेवालों की भी अच्छी-खासी संख्या देखने को मिल जाती है। शहर के मेन रोड, उमरिया रोड, सब्जी मंडी, अस्पताल रोड सहित  नैनपुर क्षेत्र में भी कमोबेश भीड़-भाड़ वाली स्थिति का नजारा रहता है।   


ऑटो-रिक्शा, -रिक्शा सहित बाईक का हो रहा परिचालन

राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, लॉकडाउन में बेवजह पैदल आवागमन पर भी प्रतिबंध है। लेकिन नैनपुर में इस नियम का कहीं पालन नहीं होता नजर आ रहा है आलम यह है कि वाहनों का परिचालन कम होने के बाद भी सड़कों पर रिक्शा, ऑटो रिक्शा, निजी वाहन, बाइक की संख्या अनगिनत होती दिख रही है। 


जिला प्रशासन के अधिकारी मात्र  चौक पर सख्ती बरतते हैं। अन्य मार्गों पर वाहनों के परिचालन की छूट रहती है। पुलिस प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं करता। जिला परिवहन कार्यालय सिर्फ खानापूर्ति में जुटा है। कुल मिलाकर जिले में लॉकडाउन के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, लेकिन प्रशासन हल्की-फुल्की सख्ती कर अपने काम की इतिश्री कर ले रहा है।


नैनपुर से राजा विश्वकर्मा की रिपोर्ट

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