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भावल सोसाइटी लेम्स चिरेडोंगरी नारायांगज ब्लॉक का दौरा डी एम नान ने किया, जहाँ पर अमानक स्टैण्डर्ड का गेंहू चावल का वितरण किया जा रहा था



रेवांचल टाईम्स :- फ़ूड और नान विभाग क्या देखते है समझ से परे है या ये समझ लें कि ग़रीब के पेट का हक छीन कर व्यापारियों के साथ सांठ गांठ कर अपनी जेबें भरेंगे भरते रहेंगे, कोई कुछ भी कर ले!


बे परवाह है शायद इनको किसी का भय नहीं, तभी तो किसी भी पीडीएस की दुकानों पर चाहे सेल्स मैन, लेम्स प्रभारी हो नान और फ़ूड के जिला स्तर के अधिकारी हो कई बार शिकायतों के बाद भी गरीबों के पेट का हक मारना नहीं भूलते शायद मिली भगत इतनी तगड़ी है कि उनको किसी भी प्रकार का भय नहीं रहा,


पिछले दिनों वेयर हाउस मिलर की मिली भगत से अमानक अनाज का मामला बड़े लेवल पर उजागर हुआ था, पर अब ऐसा लगता है सब कुछ सेट हो गया मामला!


किसी भी सोसाइटी में अनाज जो आता होगा कोई तो उसको वेरीफाई करता होगा उसका कोई तो नियम स्टैण्डर्ड होगा, फिर खरीदते समय तो अनाज को कई तरीके से जाँच की जाती है परंतु  अनाज जब गरीबों को दी जाती है उसका कोई मानक स्टैंडर्ड नहीं अगर होता तो बेख़ौफ़ अमानक अनाज सोसाइटी में नहीं पहुँचता,


बेख़ौफ़ अमानक स्टैंडर्ड का अनाज गरीबों को देने का सिलसिला जारी है,


जब भावल सोसाइटी का दौरा किया अनाज देखा, तो डी एम नान और फ़ूड अधिकारियों से बात किया कि उस पीडीएस की दुकान में रखा अनाज की जाँच कार्यवाही कर,


भोपाल में एम डी नान से बात कर पूरी समस्या से अवगत कराया,


कुछ बिंदु जो क्लियर होना चाहिए

जाँच उपरान्त सैंपलिंग लेकर ही सोसाइटी में अनाज भेजा जाय जिसमें अथॉरिटीज के सिग्नेचर हो,

सोसाइटी में पहुचने पर ग्रामीणों से पंचनामा जांच के बाद उसका वितरण हो, जब डबल मोनिटरिंग होगी तभी सही अनाज गरीबों मिल पायेगा।


सख्त चेतावनी विभाग को अब बाज आये, मिलीभगत से गरीबों के हक का अनाज की कालाबाजारी बंद करें, नही तो बुरा परिणाम होगा मिलीभगत करने वालों का, बहुत हो गया निवेदन,


संवाददाता बेनी लाल सिंगरौरै

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