आदिवासी नागरिकजनों की सुरक्षा नहीं कर पा रही प्रदेश की भाजपा सरकार आदिवासी नागरिकों के विरुद्ध लगातार हो रही हिंसा की घटनाओं के विरोध में सौंपा ज्ञापन...
रेवांचल टाईम्स | मण्डला प्रदेश में आदिवासी समाज के नागरिकों पर लगातार हो रहे हमले और हिंसा की घटनाओं को लेकर आदिवासी समाज में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन घटनाओं के विरोध में प्रदेश में जगह जगह आंदोलन व प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिले की बिछिया विधानसभा व निवास विधायक के नेतृत्व में आदिवासी समाज के नागरिकों ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में आदिवासियों की सुरक्षा व अधिकारों का संरक्षण करने की मांग की गई।
नेमावर की घटना के विरोध में जताया आक्रोश
देवास जिले के नेमावर में आदिवासी परिवार के 5 सदस्यों की नृशंश हत्या को लेकर आक्रोश जताया गया और पुलिस व कानून व्यवस्था की आदिवासी समाज के नागरिकजनों को लेकर लापरवाही को लेकर प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया गया। इस घटना में पीड़ित परिवार के लोगों को पूरा न्याय दिलाने और सभी दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही की मांग की गई।
शिवपुरी के पोहरी में हुई घटना दे रही घृणा के संकेत
प्रदेश के शिवपुरी के पोहरी के गवालीपुरा गांव में पीने के पानी को लेकर रामवीर आदिवासी व उनकी मां पर हुए हमले को लेकर ज्ञापन कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई और इसे आदिवासी समाज के प्रति प्रदेश सरकार के मंत्री व उनके परिजनों की घृणा बताया गया। इस तरह से जब सरकार के मंत्री के रिश्तेदार ही आदिवासी समाज के नागरिकों पर कार्यवाही करेंगे तो प्रदेश में वास्तविक स्तिथि क्या होगी। इसका सीधा अर्थ है कि प्रदेश सरकार की चुप्पी के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
प्रदेश सरकार की मंत्री के बयान निंदनीय
प्रदेश सरकार की मंत्री उषा ठाकुर ने बीते अनेक अवसरों पर आदिवासी समाज के नागरिकजनों को अनेक अपमानजनक बयान दिए हैं जिन्हें लेकर विरोध भी हो चुका है, इस विषय को लेकर भी ज्ञापन में मंत्री के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की गई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इन घटनाओं के अलावा प्रदेश में प्रतिदिन अनेक घटनाएं ऐसी घटित हो रही हैं जिनमें आदिवासी समाज के नागरिकजनों को निशाना बनाकर हिंसा की जा रही उत्पीड़ित किया जा रहा है। प्रदेश की सरकार आदिवासी समाज के नागरिकजनों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। कानून व्यवस्था आदिवासियों के खिलाफ काम कर रही है। इसलिए राष्ट्रपति से मांग की गई है वे अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रदेश में आदिवासी समाज के नागरिकजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाते हुए हक़ व अधिकारों की रक्षा करवाई जाए।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान बिछिया विधायक निवास विधायक डॉ अशोक मर्सकोले, निवास नगर परिषद अध्यक्ष चैनसिंह वरकड़े, गुलाब सिंह मरदरिया, अरविंद कुशराम सहित काफी संख्या में आदिवासी समाज के नागरिकजनों की उपस्थिति रही।

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