मंडला नैनपुर में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी है नर्सिंग स्टाफ का धरना प्रदर्शन नहीं हो रही कोई सुनवाई... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

 आवश्कता है  आवश्कता है ....

रेवांचल टाईम्स समाचार पत्र एव वेव पोर्टल में मध्यप्रदेश के सभी संभाग, जिला, तहसील, विकास खंडों, में संवाददाताओं की एंव विज्ञापनों व खबरों से सबंधित व्यक्ति संपर्क करें इन नम्बरों में 👉 9406771592/ 9425117297/ 8770297430/9165745947

Wednesday, June 30, 2021

मंडला नैनपुर में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जारी है नर्सिंग स्टाफ का धरना प्रदर्शन नहीं हो रही कोई सुनवाई...





रेवांचल टाइम्स :- पूरा देश पिछले सवा साल से भी अधिक समय से कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है. महामारी से करोड़ों लोगों की जान बचाने में सबसे बड़ा योगदान रहा है नर्सों का, जो खुद संक्रमित होने के खतरे के बावजूद लोगों की जान बचाने में जुटी हैं.

एक डॉक्टर और मरीज के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी नर्स होती हैं। डॉक्टर केवल दवाओं को निर्धारित करता है और रोग का निदान करता है, लेकिन आखिर में, यह नर्स ही होती है जिसके ऊपर मरीज के उपचार की वास्तविक जिम्मेदारी निर्भर करती है। नर्सिंग स्टाफ के बिना, कोई भी चिकित्सा सुविधा एक दिन के लिए भी काम नहीं कर सकती है।

जहां एक तरफ इन कोरोना योद्धा नर्सों का सम्मान किया जाना चाहिए वहीं जिले भर के अस्पतालों में नर्सों ने सरकार द्वारा मांगों को ना मानने पर अनिश्चितकालीन धरने पर जाने का फैसला ले लिया है मंगलवार को नर्सों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर करीब 2 घंटे तक सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया. जो कि आज बुधवार को भी निरंतर प्रारंभ रहा। नर्सों ने चेतावनी दी है कि, प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर ध्यान दे, वरना सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. 


इस हड़ताल की कवरेज करने रेवांचल टाइम्स के संवाददाता सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां उपस्थित नर्सों के समूह में संवाददाता को अपनी सारी व्यथा की आपबीती सुनाई उन्होंने कहा कि,

नैनपुर में 100 बिसतर अस्पताल का निर्माण तो कर दिया गया है। लेकिन यह अव्यवस्थाओं से भरा हुआ है। जिसकी जिम्मेदारी ना तो प्रशासन लेता है, और ना ही संबंधित अधिकारी बी.एम.ओ. एवं जिला चिकित्सा अधिकारी सी.एच.एम.ओ.।


नर्सों के समूह ने बताया कि,


1. नर्सिंग स्टाफ के लिए 100 विस्तार अस्पताल में अलग से शौचालय की कोई भी व्यवस्था नहीं है। नगर बीएमओ को सूचना देने पर उनके द्वारा गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया जाता है,


2. हैंड वॉश कॉर्नर उपलब्ध नहीं है,

3. नर्सिंग स्टाफ के लिए कोई भी चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं है, जबकि चिकित्सक के लिए चार से पांच कमरे बनाए गए हैं,


4. अस्पताल परिसर एवं अस्पताल से घर जाने वाले रास्ते पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। जिसकी वजह से अंधेरे में नर्सिंग स्टाफ को आवागमन करना पड़ रहा है,


5. अस्पताल परिसर में पार्किंग सेड की व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से नर्सिंग स्टाफ के वाहन अव्यवस्थित रहते हैं,


6. बी.एम.ओ. को समस्या बताने पर विपरित जवाब मिलता है, एवं कभी-कभी अभद्र जवाब भी सुनना पड़ता है,


7. ठेकेदार की लापरवाही के चलते इंजेक्शन कक्ष एवं दूसरे कई अन्य कक्ष में वाटर लिक की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे निरंतर कमरों में पानी भर रहा है,


8. अस्पताल परिसर में कीट पतंगों की समस्या अधिक बढ़ गई है। समय-समय पर दवाई का छिड़काव नहीं किया जाता है,


9. उच्च अधिकारी द्वारा लगातार नर्सों के साथ बातचीत में, अभद्र  भाषा का इस्तेमाल किया जाता है,

इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ की और भी कुछ मुख्य मांगे हैं जिसे लेकर सभी नर्सिंग स्टाफ नैनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हड़ताल कर रही हैं। 


प्रदेश संगठन के आव्हान पर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत नर्सेस अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। जिसके चलते वह 100 बिस्तर अस्पताल परिसर में नारे लगा कर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं लेकिन शासन प्रशासन में बैठे जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। नर्सेस ने अपने आंदोलन को गति देते हुए  जिला अस्पताल परिसर में भी जमा होकर ताली प्रदर्शन किया। 

इस संबंध में स्टाफ नर्स "सोना डेनियल" ने मीडिया को जानकारी में बताया कि,


"शासन उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है, इसलिए वह सरकार को जगाने के लिए अस्पताल परिसर में हड़ताल में बैठकर सामूहिक तौर पर नारे लगाकर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं देगी तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी।"


यहां हम आपको बता दें कि सरकारी अस्पतालों में नर्सेज डॉक्टर से अधिक कार्य करती हैं पर उन्हें रात्रि कालीन ड्यूटी भत्ता नहीं दिया जाता है।

साथ ही नर्सेज को ग्रेट टू का कर्मचारी नहीं माना जाता है। नर्सेज की मांग है कि, सरकार उन्हें रात्रि कालीन ड्यूटी में अतिरिक्त भत्ता दे साथी नर्सेज को ग्रेट टू का कर्मचारी माना जाए उनके मूल वेतन में वृद्धि की जाए लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग में बैठे उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके चलते उन्हें आंदोलन की राह पर चलना पड़ा है।


नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment