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Thursday, June 24, 2021

नाबालिग की बारात आने से 4 घंटे पहले दलबल के साथ पहुंच गई पुलिस..... फिर क्या हुआ जानें



जबलपुर। सौलह साल की नाबालिग लड़की का विवाह होने की सूचना मिलने पर घर पहुंची बेलखेड़ा पुलिस ने परिजनों को समझाइश देते हुए फिलहाल शादी रुकवा दी।
लड़की पक्ष से बात करने के बाद पुलिस ने मौके से लड़के पक्ष के लोगों से मोबाइल पर बात करते हुए बताया कि नाबालिग से शादी करना कानूनन अपराध है। फिलहाल आप लोग आज बारात लेकर न आएं। घंटो चल कवायद के बाद आखिरकार दोनों पक्षों ने तय किया कि लड़की के बालिग होने पर ही शादी की जाएगी।

बेलखेड़ा पुलिस ने बताया कि सालीवाड़ा गांव में लोधी समाज के परिवार द्वारा 16 साल बेटी का विवाह कटंगी निवासी परिवार में तय किया गया था। बुधवार को कटंगी से सालीवाड़ा बारात आनी थी। नाबालिग लड़की का विवाह होने की सूचना मिली जिसके बाद पुलिस तत्काल लड़की के घर पहुंच गई।

पुलिस को घर में देख परिवार के सदस्यों ने पहले विरोध किया, लेकिन समझाइश के बाद लड़की सहित परिवार के सदस्यों ने कहा कि अब हम बेटी के 19 साल पूरे होने पर ही शादी करेंगे। बेटी को स्कूल भेजेंगे ताकि वह आगे की पढाई कर सके।

नाबालिग विवाह रोक संबंधी कानून-

इस समय विवाह की न्यूनतम आयु लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह किसी बच्चे को अच्छे स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के अधिकार से वंचित करता है। ऐसा माना जाता है कि कम उम्र में विवाह के कारण लड़कियों को हिंसा और उत्पीड़न का अधिक सामना करना पड़ता है।

कम उम्र में विवाह का लड़के और लड़कियों दोनों पर शारीरिक, बौद्धिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक प्रभाव पड़ता है, शिक्षा के अवसर कम हो जाते हैं और व्यक्तित्व का विकास सही ढंग से नही हो पाता है। कम उम्र के विवाह के मुख्य कारणों में सांस्कृतिक चलन, सामाजिक परम्पराएं और आर्थिक दबाव गरीबी और असमानता है।

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