रेवांचल टाइम्स - 2014 में छिंदवाड़ा- नागपुर हाईवे का निर्माण किया गया था। इसके निर्माण में इस कदर लापरवाही बरती गई की गहरा नाला के पास बनाई गई पुलिया पहली ही बारिश में बह गई । लगभग 6 साल पहले वही इस पुलिया का निर्माण आज भी अधर में लटका हुआ है। कई इंजीनियर आए और गए, लेकिन गहरा नाला पर पुलिया का काम सिर्फ नाप जोख तक सिमट कर रह गया है। इसके कारण बारिश के दिनों में गहरा नाला में बाढ़ आ जाने से छिंदवाड़ा- नागपुर नेशनल हाईवे 547 में 4 से 5 घंटे का जाम लगता है।
गुरुवार शुक्रवार की दरमियानी रात भी गहरा नाला में आई बाढ़ के कारण छिंदवाड़ा नागपुर हाईवे पर लगभग 4 घंटे जाम लगा रहा। करोड़ों की लागत से बने इस हाईवे पर पुलिया की इस दुर्दशा को देखकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह पुलिया कमलनाथ के केंद्रीय मंत्री रहते समय बननी शुरू हुई थी। इसके बाद कमलनाथ की सीएम रहते भी इस पुलिया का तात्कालिक निर्माण कराने के प्रयास किए गए, लेकिन वह भी कागज पर सिमट कर रह गए। ऐसे में लोगों की परेशानी इस साल भी जस की तस है और प्रशासन और सत्ता में बैठे लोग इस दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं कर पा रहे हैं।
तकनीकी कारण बता रहे अधिकारी
महज कुछ मीटर के डैमेज के कारण गहरा नाला पर पुलिया का निर्माण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अधिकारी तकनीकी कारण बताकर इस पुलिया का निर्माण कराने से बच रहे हैं । जबकि कुछ इंजीनियर भी इसका हल निकालने के लिए हर साल बारिश से पहले यहां पहुंचते हैं और बड़ी बड़ी मशीन लगाकर कुछ कोशिश करते हैं और फिर नतीजा सिफर रहता है।
पिछले साल कलेक्टर बोले थे 3 माह में हो जाएगा निर्माण
पिछले साल कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने गहरा नाले की पुलिया का निर्माण तीन माह में कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन साल बदल गया अब तक इस पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया फिर बारिश के बाद यहां हालात जस की तस है । मसलन अब इस पुलिया के निर्माण के लिए उच्च तकनीक का इस्तेमाल करना अति आवश्यक हो गया है नहीं तो हर साल बारिश में हाईवे की पुलिया कमलनाथ के छिंदवाड़ा मॉडल को चिढ़ाते रहेगी।

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