रतलाम : मध्य प्रदेश में रतलाम जिले के एक गांव में कोविड-19 महामारी के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करके धार्मिक जुलूस ‘‘कलश यात्रा’’ निकालने पर पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन ने क्षेत्र के पटवारी, ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया जबकि पुलिस बीट के पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया है.
रतलाम जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर नामली थाना क्षेत्र के बरबोदना गांव में निकाले गये धार्मिक जुलूस का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है. वीडियो में इस जुलूस में अनेक महिलाएं अपने सिर पर कलश रखकर चलती दिखाई दे रही हैं और अन्य सैंकड़ों लोग भी नजर आ रहे हैं.
नामली थाने के प्रभारी निरीक्षक वी पी सिंह ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘ कोविड-19 महामारी के चलते लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद बरबोदना गांव में कलश यात्रा निकालने पर 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी में नामजद लोगों में एक पुजारी, डीजे वाहन का मालिक और आयोजन समिति के सदस्य शामिल हैं.’’ कलश यात्रा गांव में पांच दिन तक चलने वाले एक धार्मिक आयोजन का हिस्सा था.
इस बीच जिलाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने पत्रकारों से कहा कि ग्राम पंचायत के सचिव और क्षेत्र के पटवारी को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने बताया कि इलाके में तैनात नामली थाने के एक जवान को ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर किया गया है.
प्रदेश में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जारी प्रतिबंधों के तहत एक स्थान पर छह से अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लागू है. एक धार्मिक स्थल पर केवल चार लोग ही जमा हो सकते हैं. एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा), धारा 269 और 270 (खतरनाक बीमारी के संक्रमण को फैलाने की लापरवाही से कार्य) तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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