बिलासपुर: बिलासपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने एक बार फिर सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या आज भी बच्चे एग्जाम का प्रेशर झेल नहीं पाते साथ ही परीक्षा के बाद आये रिजल्ट के बाद माता पिता का बर्ताव कैसा रहना चाहिए इसपर विचार करना बेहद जरूरी है. दरअसल 10वीं के परीक्षा परिणाम ने एक पिता-पुत्र की जान ले ली है. बेटे के एग्जाम में सप्लीमेंट्री आने पर स्कूल में कार्यालय सहायक पद पर काम करने वाले पिता बेटे को रोज डांटते थे.
बेटे ने की खुदकुशी
पिता से रविवार रात हुए विवाद के बाद बेटे ने अपने कमरे में मां की साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी. इसकी जानकारी होने पर छात्र की बहन पड़ोसियों को बताने गई. इसी बीच पिता ने भी उसी साड़ी के फंदे से खुद भी लटक कर अपनी जान दे दी.
पिता-पुत्र में हुआ अक्सर विवाद
मामला सिरगिट्टी थाना क्षेत्र का है. जय प्रकाश आंध्रा स्कूल में कार्यालय सहायक थे. उनका बेटा निशांत विशाखापट्नम में रहकर पढ़ाई करता था और 10वीं का छात्र था. पिछले साल जब लॉकडाउन लगा तो वह घर लौट आया. उसने 10वीं की परीक्षा दी उसमें सप्लीमेंट्री आई थी. इसकी मार्कशीट वह अपने साथ नहीं लाया था. इस बात को लेकर पिता-पुत्र में अक्सर विवाद होता था.
बेटी ने दी पिता को जानकारी
पिता-पुत्र के बीच इसी बात को लेकर फिर विवाद हुआ. इसके बाद निशांत अपने कमरे में चला गया. इसके बाद उसने कमरे में ही साड़ी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली. थोड़ी देर बाद निशांत की छोटी बहन कृति ने भाई का शव फंदे पर लटके देखा तो पिता को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पिता-पुत्री ने फंदा काटकर शव नीचे उतारा.
बेटे के बाद पिता ने भी की खुदकुशी
इसके बाद कृति पड़ोसियों को इसकी जानकारी देने के लिए चली गई. थोड़ी देर बाद जब बेटी पड़ोसियों के साथ लौटी तो उसके पिता फंदे से लटक रहे थे. उन्होंने भी उसी साड़ी का फंदा बनाया था जिससे लटक कर निशांत ने खुदकुशी की थी.
पुलिस जांच में जुटी
सीएसपी सिटी कोतवाली निमेष बरैया बताते हैं कि पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस घटना स्थल पर पहुंची. जिसके बाद शव को नीचे उतारा गया और दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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