रेवांचल टाइम्स :- जनता जिनको अपनी बात आगे रखने के लिए अपना जनप्रतिनिधि चुनती है, अगर वह लोग ही मुश्किल घड़ी में मैदान छोड़ दें तो जनता का फैसला क्या होगा। नैनपुर नगर में कोरोना वायरस संक्रमण की सेकेंड स्ट्रेन के दौरान लोगों ने इतनी परेशानी झेली, जिनकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। इस दौरान उनके परिवार के लोग भी बड़ी सीमित संख्या में साथ में थे, लेकिन उनके क्षेत्र के लोकप्रिय माननीय जनप्रतिनिधि नदारद थे। नैनपुर नगर पालिका अध्यक्ष भले ही इस संकट की घड़ी में लोगों के साथ थे, लेकिन इनकी टीम के बाकी सदस्य अंडर ग्राउंड हो गए।
कोरोना वायरस की सेकेंड स्ट्रेन में लोग मेडिकल ऑक्सीजन, कोविड बेड तथा दवाओं के लिए काफी परेशान रहे। इसके बाद भी उनको अपने लोकप्रिय वार्ड पार्षद का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। कोरोना के सेकंड वेब में जब लोग ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, एंबुलेंस और दवाइयों के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे थे, तब नगर के लोकप्रिय पार्षद गायब थे।
जनता ने जनप्रतिनिधियों को इसलिए चुना था,ताकि वे उनकी मदद के लिए आगे आएँगे। किन्तु नैनपुर के माननीय नेतागण विपदा के समय जनता के लिए मदद करने की बजाय पता नहीं किस बिल में जाकर छुप गए हैं। कि उनका कोई अता-पता नहीं है। नगर में स्वास्थ्य सुविधाएँ बेपटरी हो चुकी हैं।
नैनपुर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से काम पर लगा हुआ है, लेकिन जहाँ जनप्रतिनिधियों की आवश्यकता है, वहाँ वे काम आने की बजाय केवल सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी और सरकार की पीठ थपथपाने पर लगे हुए हैं। वार्ड नंबर 8 तलाब टोला में संक्रमण से लगभग 10 लोगों की मौत हुई है। लेकिन यहां की पार्षद महोदया सोशल मीडिया के माध्यम से वर्षगांठ, जन्मदिन, एवं अपने नेता की पीठ थपथपाना और पार्टी की बढाई करने वाली पोस्टों को जोर शोर से प्रसारित कर रही हैं। उन्हें वार्ड की जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है
नगर में 15 पार्सद, जिले में 2 सांसद (लोकसभा सांसद, राज्यसभा) एक केंद्रीय राज्यमन्त्री, एवं नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर केंद्र सरकार तक भाजपा की सरकार के रहते हुए भी जनता चीत्कार कर रही है। उसकी चीख-पुकार सुनने वाला कोई नहीं है। नगर में मौतों और संक्रमितों का आँकड़ा लगातार बढ़ता रहा, लेकिन सत्ता पक्ष अपने राजनेताओं से नगर की स्थिति को छुपाते हुए कहता रहा की सब चंगा है।
वहीं दूसरी तरफ जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने में विपक्ष ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। नैनपुर नगर में विपक्ष मिस्टर इंडिया की तरह गायब नजर आया।
इस समय जनता की मदद करने की बजाय विपक्ष ने केवल सत्ता की लालच में सिर्फ यही जाना उचित समझा कि सत्ता पक्ष को किस तरह बदनाम किया जाए और सत्ता में वापसी किस तरह की जाए विपक्ष ने भी इस विषम परिस्थिति में आपदा को अवसर बनाने का काम किया है।
लेकिन केवल नगर एनएसयूआई के अध्यक्ष रूपेंद्र राठौर की तरफ से नगर में रोजाना भोजन के 200 पैकेट बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कोई अता पता नहीं है। यह केवल सत्ता दल की कमी निकालने का ही काम किया एवं छींटाकशी करते हुए अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ते हुए नजर आए।
इनके सबके बीच में कोई पिस रहा है,मर रहा है, तो वह है नगर का व्यापारी, नगर के गरीब, मजदूर, एवं निम्न वर्ग।
जबकि सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष पार्टी के आला कमान का कहना है कि इस संकट की विषम परिस्थिति में पार्टी के सभी प्रतिनिधि घरों से निकलकर जनता के बीच में जाकर लोगों की मदद करें स्वास्थ्य सुविधाओं में हो रही कमी से परेशान लोगों की मदद एवं संक्रमण के डर से हिम्मत हार रहे लोगों की मदद कर उन्हें हौसला प्रदान करें।
लेकिन नैनपुर नगर के जनप्रतिनिधि आलाकमान की बात को भी अनदेखा कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांगने वाले एवं इन्हें स्वयं की पार्टी के आला अधिकारियों के दिशा निर्देशों की भी कोई अहमियत नहीं है।
परंतु आला अधिकारियों द्वारा इन जनप्रतिनिधियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
बल्कि दोबारा पार्टी चिन्ह की टिकट मांगने पर आलाकमान द्वारा पुनः ऐसे प्रत्याशियों को पार्टी चिन्ह की टिकट दे दी जाती है, और चुनाव के समय पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर उन्हों जीत दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते इस तरह का दोगला चरित्र एवं दोहरी मानसिकता नगर की जनता को कब तक दिखाई जाएगी।
वहीं विपक्ष पार्टी के आला आलाकमान द्वारा कार्यकर्ता और विपक्ष के प्रतिनिधियों की को दिशा निर्देश दिए जाते हैं कि विषम परिस्थितियों में लोगों की मदद करें लेकिन विपक्ष के नेता एवं कार्यकर्ता हमेशा इस विषम परिस्थितियों में मिस्टार इंडिया बन जाते हैं। कुल मिलाकर जनता की समस्या से ना तो सत्ताधारी पार्टी और ना ही विपक्ष को कोई सरोकार है। ऐसे में नैनपुर नगर की जनता ने इस बार चुनाव में सत्ताधारी पार्टी एवं विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देने का इरादा कर लिया है।
कुछ का कहना है, कि वह वोट मांगने आए जनप्रतिनिधियों से केवल एक ही सवाल करेंगे
कि,
संकट के समय विषम परिस्थितियों में आपका एवं आपकी पार्टी का क्या योगदान रहा।
नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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