रेवांचल टाईम्स :- किसानों का कहना अनुविभागीय अधिकारियों ने नही किया था भौतिक स्थल का निरक्षण की किसी स्थान पर किसान को आने जाने में असुविधा न हो और थोप दिया किसानों पे जिसका भुगतान भोग रहा है किसान
उपज लेकर किसानों को 42 किलोमीटर आमगांव जाना हो रहा महंगा
वेयर हाउस भरने पर 12 समितियों के किसानों को अब आमगांव के सायलो केंद्र में जाना पड़ रहा है
किसानों की फजीहत,उपज से ज्यादा भाड़ा देना पड़ रहा
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चौरई समर्थन मूल्य में गेहूं खरीदी में किसानों की फजीहत हो रही हैं। समितियों द्वारा निर्धारित वेयर हाउस के भर जाने के बाद अब किसानों को आमगांव में बने सायलो केंद्र में अपनी उपज लाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के इस आदेश से किसानों की समस्या बढ़ गई हैं। उन्हें लगभग 42 किलोमीटर तक कि दूरियां तय करना पड़ रहा हैं। छोटे किसान तो ट्रेक्टर के भाड़े से ही परेशान हैं। जानकारी के मुताबिक विकासखंड की अधिकांश समितियों के वेयर हाउस गेहूं की ज्यादा आवक से भर गए हैं। खराब मौसम के चलते समितियों को खुले में खरीदी करने से प्रशासन ने मना कर दिया हैं। ऐसे में सोमवार से चाँद के आमगांव में बनाएं गए सायलो केंद्र में 12 समितियों के बाकी किसानों से खरीदी शुरू कर दी गई हैं। यहां समसवाड़ा से पहुँचे किसान रघुनाथ ने बताया कि उन्हें 42 किलोमीटर दूर लाकर गेहूं बेचना पड़ रहा हैं। ट्रेक्टर का भाड़ा ही ज्यादा लग जा रहा हैं। यही हाल अन्य किसानों के भी हैं। 12 समितियों का केंद्र होने से आमगांव में भीड़ बढ़ने से बीच के दिनों में तहसीलदार सुनैना ब्रहमे और टीआई दीपक डेहरिया भी पहुँचे व्यवस्था बनाये थे उन्होंने यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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चौरई सहित 12 समितियों का बनाया केंद्र
आमगांव के सायलो कैंप में जगह खाली होने से अब 12 समितियों का गेहूं खरीदा जा रहा हैं। यहां पर चौरई सहित बाँकानागनपुर,मेघदौन,चाँद,पांजरा,पंचगांव,सांख,देवरी,समसवाड़ा,कपुरदा,खमरा और परसगांव के किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा हैं। जिससे रोजाना यहां सैंकड़ो किसानों की भीड़ पहुँच रही हैं।
- हर केंद्र से दूर हैं आमगांव
चाँद तहसील के आमगांव में सायलो केम्प बनाया गया हैं। यहां पर चौरई की समितियों की भी खरीदी की जा रही हैं। ऐसे में सांख,हिर्री,ओरिया, घोडावाड़ी सहित सिवनी की बॉर्डर से लगे किसान हो या बांका समिति के तहत आने वाले छिन्दवाड़ा बॉर्डर से लगे किसान। इन सभी को मिलों दूर आमगांव आना पड़ रहा हैं। किसानों के मुताबिक इतनी दूर उपज बेचने आने में भाड़ा और एक पूरा दिन लग जा रहा हैं।

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