रेवांचल टाइम्स :- पूरे देश में ईद शुक्रवार को मनाई जाएगी. बुधवार को ईद के चांद का दीदार न होने के कारण अब गुरुवार को चांद दिखाई देगा. उसके बाद शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी. कोरोना के खतरे को देखते हुए लोगों से मस्जिद के बजाए घरों में ही नमाज पढ़ने की अपील की गई है.
सामान्य तौर पर सऊदी अरब में चांद दिखने के दूसरे दिन भारत में चांद रात की परंपरा रही है. इस लिहाज से देखा जाए तो चूंकि ईद सउदी अरब में 13 मई को है इसलिए भारत में एक दिन बाद यानी 14 मई को होगी.
एक बात जो सबसे अहम है, कि जब 30 रोजे हो जाते हैं, तो फिर फर्क नहीं पड़ता चांद दिखे या ना दिखे. 30 दिन के बाद रमजान खत्म होता है और अगले दिन ईद होती है.
ईद उल फितर के दिन लोग सुबह नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करते हुए अमन और चैन की दुआ मांगते हैं.
ईद-उल-फितर में मीठे पकवान विशेषकर सेंवईंयां बनाने का रिवाज है.
इस दिन लोग आपस में गले मिलकर अपने गिले-शिकवों को दूर करते हैं.
घरों में ही ईद की नमाज पढ़ने की अपील की
नैनपुर शहर की जामा मस्जिद के इमाम हज़रत मौलाना कलीम रजा़,छोटी मस्जिद के इमाम हजरत सोहेब रज़ा, एवं ईटका मस्जिद के इमाम हज़रत हाफ़िज़ नशीम हबीबी, ने लोगों से अपील की है कि, कोरोना की वजह से हम बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। ऐसे में सरकार की मदद करें, और सरकार द्वारा बनाई गई कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के लिए घरों से ही ईद की नमाज अदा करें. नगर के तीनों इमाम ने घरों से नमाज़ के लिए घर पर पढ़ा जा सकने वाला एक छोटा ईद की नमाज का खुत्बा भी लोगों को बताया है। ताकि लोग आसानी से घरों से ही ईद की नमाज पढ़ सके. ईद की नमाज के लिये खुत्बा जरूरी होता है.
जामा मस्जिद के इमाम ने कहा है कि,
"मुस्लिम भाइयों ने अभी तक काफी सब्र से काम लिया है. इस साल भी कोरोना की वजह से हमने सभी जुमों में से कोई भी जुमे और अलविदा जुमे की नमाज भी सामूहिक रूप से अदा नहीं की. उसमें सभी ने सहयोग भी किया और सब्र भी दिखाया. ऐसा ही सब्र ईद की नमाज में भी दिखाएं"
नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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