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Monday, May 3, 2021

जागरुकता से ही नैनपुर से भाग सकता है वायरस, जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर कार्य करें तो

 



रेवांचल टाइम्स :-  नैनपुर नगर में कोविड की लहर फिर से लौट आई है, कोरोना की दूसरी लहर ने इस बार जिले के साथ साथ नैनपुर नगर को भी अधिक प्रभावित किया है. जिस से बचने के लिए जिले के साथ नगर में भी कर्फ्यू (लॉकडाउन) लगाया गया  है. 

यहां कोरोना फिर से अधिक मात्रा में पैर पसार चुका है, लेकिन इसके पीछे कहीं न कहीं लापरवाही देखी जा रही है.


बड़े अफसोस की बात है, कि नैनपुर नगर के  लगभग सभी जनप्रतिनिधि लापरवाह बने हुए हैं। आखिरकार उनकी क्या जिम्मेदारी है। क्या केवल वोट लेना ही उनकी जिम्मेदारी है, और उसके बाद उन वोटरों को तड़पता हुआ किसके सहारे इन्होंने छोड़ दिया हैं। अफसोस की बात तो ये है कि कोरोना का हाहाकार मचा हुआ है और जनप्रतिनिधि अपने घरों में दुबक कर बैठे हुए हैं। 


हर बार चुनाव में जनता देखती है कि जब चुनाव होते हैं तो हर दल का नेता एक ही बात आकर कहता है, कि वो आपकी समस्या के समाधान के लिये हर वक्त तैयार रहेगा। इतना ही नहीं, कुछ तो इतनी भी लंबी फेंकते हुए मतदाता से कहते हैं, कि आपका पसीना गिरेगा तो मेरा खून गिरेगा और आज अफसोस की बात तो ये है कि वो नेता कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। ना हारने वाले और ना जीतने वाले। कुछ हारने वाले निर्दलीय प्रत्याशी एवं उनके कार्यकर्ताओं ने तो अपना कर्तव्य निभाते हुए नगर के लिए इस संकट की विषम परिस्थिति में अपना हाथ आगे बढ़ाया है, और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भारी मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था भी करवाई है, एवं उनकी पार्टी के कार्यकर्ता लगातार नगर को अपनी सेवा दे रहे हैं। हारने वालों की मजबूरी हो सकती है कि वो किस अधिकार से जनता की मांग रखें।


लेकिन जिन जनता की वोटों से वो जनप्रतिनिधि जो विजई होकर सत्ता पर काबिज है वो अपने घरों से भी नहीं निकल रहे हैं। आखिरकार क्यों जनता अपना प्रतिनिधित्व सौंपती है। क्यों हम एक-दूसरे से दूर होकर किसी एक को चुनते हैं और दूसरे के बुरे बनते हैं। इसी वजह से कि जब कोई परेशानी आए तो ये नेताजी साथ खड़े दिखाई दें।

अफसोस की बात ये है कि मंडला जिले का के नैनपुर नगर में सुआ सरकार को विश्वास कर जनता ने जिताया था और आज इस युवा सरकार के शासनकाल में नगर का क्या हाल है ये सभी के सामने है। नैनपुर नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर विधायक सांसद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी का दबदबा है यानी नगर पालिका अध्यक्ष से लेकर प्रधानमंत्री तक बीजेपी की सरकार है। उसके बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में  ऑक्सीजन की समस्या, फ्लोमीटर की समस्या,  कर्मचारियों की समस्या, जांच किट की समस्या, चिकित्सकों की  कमी, साफ सफाई में कमी, से लोग तड़प तड़प कर मर रहे हैं। इतना ही नहीं, अगर कोई मदद के लिए इन नेताओं को फोन कर रहा है तो ये फोन तक नहीं उठा रहे हैं। कुछ जनप्रतिनिधि के फोन भी बंद बता रहे हैं।


आखिरकार क्या इसी दिन के नैनपुर के जागरूक मतदाताओं ने इन्हें वोट दिया था कि ये नेता अपने घरों में आराम करें। माननीय बनकर सम्मान पाएं। सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लें और जिनकी बदौलत ये सबकुछ मिला, वो जनता दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो। हो सकता है कि व्यवस्थाएं काबू में नहीं हैं लेकिन कम से कम इन नेताओं को जनता के साथ खड़ा होना चाहिए ताकि ये एहसास हो सके कि हमारी फरियाद आगे तक पहुंचाने के लिए हमारा प्रतिनिधि हमारे साथ है। लेकिन अफसोस खड़ा होना तो दूर, यह फोन भी नहीं उठ रहे हैं। जाने इस बिल में दुबक कर बैठे हुए हैं।


नगर की जनता निवेदन करते हुए  जनप्रतिनिधियों से कह रही है कि, 


हे नगर के सभी सम्मानिय जनप्रतिनिधियों हमारा आपसे निवेदन है, कि हम गरीब, मजदूर, एवं निम्न वर्ग इस समय कोरोना महामारी के साथ-साथ आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे हैं ।


जैसा की आप सभी ने चुनाव के समय में वोट मांगते समय बड़े बड़े वादे किए थे ,और कहा करते थे कि कभी भी कोई दिक्कत हो तो मुझे याद करना हाजिर हो जाऊंगा या हो जाऊंगी।


तो अब समय आ गया है, आपकी मौजूदगी का लोगों को इस समय आर्थिक मदद या फिर घरों में इस्तेमाल होने वाले दैनिक दिनचर्या के सामानों की भी अधिक आवश्यकता है।

तो कृपया सभी प्रतिनिधि अपने अपने वार्ड में ऐसे परिवारों तक पहुंच कर उनकी मदद करने का कष्ट करें या फिर..... 


चुल्लू भर पानी में...... आगे आप समझदार हैं।


नैनपुर रेवांचल टाइम्स शालू अली की रिपोर्ट

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