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Sunday, May 9, 2021

नैनपुर में आपदा को बनाया अवसर, शराब ठेकेदार धड़ल्ले से कर रहा नगर में शराब का व्यापार


रेवांचल टाइम्स :- लॉकडाउन होने के बावजूद भी नैनपुर नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में  फुटकर दुकानों द्वारा अवैध शराब का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। 

अवैध शराब कारोबारी आबकारी विभाग एवं पुलिस की पहुंच से बाहर हैं और हर बार कार्रवाई में आबकारी विभाग खानापूर्ति  करती है इस वजह से आबकारी विभाग पर भी कई सवाल खड़े होते है। वहीं, बड़ा सवाल यह भी है कि दिन प्रति दिन विभाग की दबिश के चलते भी शराब का कारोबार आखिर क्षेत्र में रुक क्यों नही रहा है और आखिर क्या कारण रहता है कि आरोपी अवैध शराब कारोबारी आबकारी की धरपकड़ से बाहर ही रहते हैं।


एक ओर जहां नगर में कोरोना महामारी के चलते कोरोना कर्फ्यू (लॉकडाउन) है, वहीं शराब ठेकेदार नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में अवैध शराब की तस्करी करने में लगे हुए है। वे रोजाना लाखों रुपये की शराब का बंदर-बाट कर रहे हैं। पुलिस फिर भी उन पर नकेल नहीं कस पा रही है। इस समय नगर कोरोना महामारी के संकट से जूझ रहा है। नगर में अब तक इस जानलेवा वायरस की चपेट में अधिक लोग आ चुके हैं। और कई लोगों ने अपनी जान भी गवाई है।


कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कलेक्टर ने जिले में 15 मई तक लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया है। इस दौरान लोगों के घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी है। वाहनों का संचालन भी लगभग बंद है। केवल आपात सेवाओं और जरूरी सेवाओं में लगे वाहनों को ही आवागमण की छूट दी गई है।


इसके बावजूद शराब तस्करी का गोरखधंधा नैनपुर के लगभग प्रत्येक वार्ड में खूब फल-फूल रहा है। शराब ठेकेदार बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से वार्डों में शराब सप्लाई कर रहे हैं और लगभग प्रत्येक वार्ड में मौजूद शराब ठेकेदार के फुटकर विक्रेता दोगुने दामों में शराब बेचकर अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। इस दौरान शराब ठेकेदार के गुर्गे वाहनों का प्रयोग कर वार्डों में शराब पहुंचा रहे है। 


वार्ड नंबर 7 इटका में , वार्ड नंबर 8 बुद्ध विहार के बाजू में, वहीं थोड़ा दूर रेलवे इंस्टीट्यूट डिपो के बाजू में, वार्ड नंबर 9 में, वार्ड नंबर 10 में लगभग 4 से 5 जगह, वार्ड नंबर 15 में राधा कृष्ण मंदिर के सामने, वार्ड नंबर 1 में लगभग 2 जगह, वार्ड नंबर 14 में देसी विदेशी एवं कच्ची शराब, सब्जी मार्केट में, निवारी चौक में, व नगर के कई अन्य क्षेत्र में सक्रिय शराब माफिया फुटकर दुकानों द्वारा इस गौरखधंधे में संलिप्त है। जिन्हे आबकारी विभाग, पुलिस, एवं शराब ठेकेदार की शह प्राप्त है।


नैनपुर में शराब ठेकेदार को लॉक डाउन से कोई फर्क नहीं है, संकट की विषम परिस्थिति में भी नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में फुटकर दुकानों के द्वारा शराब धड़ल्ले से दिख रही है। इससे तो यही प्रतीत होता है पुलिस और आपकारी विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा, और ना ही कोई कड़ी कार्रवाई हो रही है। जब शराब का पूरा कारोबार बंद किया गया है तो तो आखिर क्यों शराब का कारोबार नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड में धड़ल्ले से चल रहा है ? 

ये बात आबकारी विभाग पर एक बड़ा सवाल ज़रूर खड़ा करती है।


कई बार नगर रेवांचल टाइम्स के पत्रकार शालू अली द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की गई और जब शिकायत को आबकारी अधिकारी को प्रेषित किया गया तो शिकायतकर्ता के पूछने के बाद आबकारी अधिकारी का कहना है हुआ कि,


हमारे द्वारा आपके बताए हुए  ठिकाने पर दबिश दी गई और माल भी बरामद किया गया हमने बेचने वालों पर कार्रवाई करते हुए मामला भी बनाया है और अवैध शराब के खिलाफ अभियान लॉकडाउन होने से पहले से ही चलाया जा रहा है, गांव देहात क्षेत्रों में भी कच्ची शराब के बनाने पर कार्रवाई की गई है। और ये अभियान निरंतर चलता रहेगा। 


लेकिन यह सिर्फ खानापूर्ति ही है अनेकों बार कार्रवाई होने के तुरंत बाद ही व्यापार पुनः प्रारंभ हो जाता है। और यह सिलसिला इसी तरह चलता रहता है जिससे नगर के लगभग प्रत्येक वार्ड का माहौल खराब हो रहा है। महिलाएं इस अवैध शराब के कारोबार से अधिक परेशान हैं। वार्ड में शाम के समय बाहर निकलने के लिए भी 10 बार सोचना पड़ता है। शराबियों का डर और उनके द्वारा शराब पीकर गाली गलौज करने की वजह से महिलाएं बाहर निकलना उचित नहीं समझतीं। 


अब गौर करने वाली बात ये है कि आबकारी विभाग के द्वारा कार्रवाई करने पर भी आखिर क्यों नगर में शराब का कारोबार पूरी तरह से बंद नहीं हो पा रहा है और ना जाने क्यों शराब ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं की जा रही है,, क्योंकि शराब ठेकेदार को केवल शराब दुकान से ही शराब बेचने का अधिकार दिया गया है। ना कि नगर के प्रत्येक वार्ड में फुटकर दुकानें खुलवा कर शराब बेचने का, लेकिन यहां सवाल ये है कि नगर में कोरोना कर्फ्यू (लॉकडाउन) के दौरान जब सब बंद है। तो शराब ठेकेदार आखिर क्यों इस तरह नगर के प्रत्येक वार्ड में शराब का अवैध कारोबार कर रहा है ?

यानी कि बिना किसी संलिप्तता के शराब की कालाबाजारी कैसे हो सकती है, और लगातार वार्ड में शराब पकडे़ जाने पर भी शराब का व्यापार नगर में धड़ल्ले से चल रहा है। इससे तो यही प्रतीत होता है की मोटी मलाई के चलते आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन ने मोन सहमति बना ली है। भले ही नगर का विनाश क्यों ना हो जाए।


नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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