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Tuesday, May 18, 2021

मध्यम और निम्न वर्ग की आर्थिक स्थिति विषम रूप से हो रही प्रभावित




रेवांचल टाइम्स :- संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए पूरे देश में कोरोना  कर्फ्यू (लॉकडाउन) लगाया गया है।

जिसमें हर वर्ग के लोग परेशान हो रहे हैं। लगभग एक माह होने के बाद अब मध्यम वर्ग के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।

जिसमें मध्यम वर्गीय परिवार को अपने एकाउंट की बचत राशि को भी निकालना पड़ गया। 

तो किसी को अपने सगे संबंधी से आपसी सहयोग लेने पर विवश होना पड़ रहा है। 


बड़े व्यापारियों को  से कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा लेकिन छोटे व्यापारी पूरी तरह प्रभावित हो गये हैं। इसके कारण घर का बजट तक बिगड़ गया है। कोरोना नियमों को मध्य नजर रखते हुए  सरकार को अब लॉकडाउन में कुछ ढ़ील देनी चाहिए जिससे व्यापार शुरु हो सके।


समय निर्धारित कर मार्केट खोला जाना चाहिए। नैनपुर नगर में बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय परिवार के लोग हैं। धीरे-धीरे जिनकी समस्या बढ़ती जा रही है। अधिकतर लोगों के पास तो राशन कार्ड तक नहीं है। मध्यम वर्ग के लोग किसी से अपनी समस्या बता भी नहीं पाते। बाजार खुले तभी कुछ राहत मिल सकती है।


वही नगर के कुछ छोटे व्यापारीयों ने बताया कि जमापूंजी खत्म हो रही है। दुकाने बंद होने से आर्थिक संकट गहरा रहा है। इस बीच कई समस्याएं भी आ रही है। कई लोग अहले सुबह अपने दुकान खोलकर सामान भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी को दुकान खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।


कर्फ्यू (लॉकडाउन) के दौरान जहां कोरोना जी का जंजाल बना हुआ है, वहीं रोजगार बंद होने के बाद से अधिकांश गरीब व मध्यम वर्ग तबका बेहद दबाव में है। महिलाओं ने प्राइवेट बैंकों व निजी कंपनियों से इसलिए पैसा लोन के रूप में लिया कि काम कर घर व बच्चों के भविष्य को संवारेंगी, लेकिन कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के कारण अब वहीं लोन की किश्तें सिर का बोझ बन गई हैं।

काम हो तो उन्हें समय पर किश्तें भी दी जाये, लेकिन अब काम छीनने से पैसा नहीं बचा तो कहां से पैसे भरें।


लॉकडाउन जैसे किसी भी आपात उपाय को अनिश्चित काल के लिए नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि इससे आर्थिक विकास और अन्य सामयिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लिहाजा लॉकडाउन में जारी प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे उठाया जाना चाहिए। सरकार को इसके लिए तत्काल, मध्यवर्ती और दीर्घकालिक कार्य योजना बनाने की जरूरत है।


इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों से समझौता किए बिना आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करने के लिए कार्य योजना की आवश्यक समीक्षा है। नगद मुद्रा सतत प्रवाह और वस्तुओं की उपलब्धता जन अर्थव्यवस्था की आवश्यक जीवन रेखा है, और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।


नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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