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Tuesday, April 20, 2021

समस्त न्यायालयों के लिए 22 से 29 अप्रैल अकार्य दिवस घोषित जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जारी किए आदेश

मण्डला 20 अप्रैल 2021

जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला मंडला से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर मण्डला के आदेशानुसार समस्त नगरीय क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल से दिनांक 30 अप्रैल की प्रातः 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर से जारी आदेशानुसार कलेक्टर द्वारा कोरोना कर्फ्यू या लॉकडाउन घोषित होने पर अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यवाही स्थगित किये जाने के निर्देश है। मण्डला जिले के न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारीगण तथा कर्मचारीगण एवं अधिवक्तागण भी संक्रमित हो रहे है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कलेक्टर मण्डला द्वारा जारी उपरोक्त आदेश एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी के अनुक्रम में इस न्यायिक जिला स्थापना के मुख्यालय मण्डला, तहसील निवास, नैनपुर एवं बिछिया में कार्यरत समस्त न्यायालयों के लिये 22 अप्रैल 2021 से 29 अप्रैल 2021 तक अकार्य दिवस (अत्यावश्यक कार्य को छोड़कर) घोषित कर दिए हैं।

उपरोक्तानुसार घोषित अकार्य दिवसों में जिले के सभी न्यायालयों का सामान्य कामकाज बंद रहेगा। अनावश्यक रूप से न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्तागण पक्षकार न्यायालय में नहीं आयेगें। उक्त अवधि में समस्त न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण (अपरिहार्य स्थिति में अवकाश पश्चात् अनुमति लेकर) मुख्यालय पर ही आवश्यक रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्हें आवश्यक होने पर न्यायालय में अपने कर्तव्य पर आहूत किया जा सकेगा। वे अपने मोबाईल को हर समय सक्रिय रखेंगें, ताकि आकस्मिकता में उनसे संपर्क किया जा सके और निर्देशों का पालन कराया जा सकें। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिले के समस्त न्यायालयों में उक्त अवधि में समस्त प्रकार के प्रकरणों की सुनवाई के लिए आगामी तिथियां नियत् कर दी है। उन्होंने 22 अप्रैल की नियत् सुनवाई के लिए 1 मई, 23 अप्रैल की नियत सुनवाई के लिए 3 मई, 24 अप्रैल की नियत सुनवाई के लिए 4 मई, 29 अप्रैल की नियत सुनवाई के लिए 5 मई, 27 अप्रैल की नियत सुनवाई के लिए 6 मई, 28 अप्रैल की नियत सुनवाई के लिए 7 मई तथा 29 अप्रैल की नियत सुनवाई के लिए 8 मई की तिथि को नियत कर दिया है। उन्होंने अकार्यदिवस में अत्यावश्यक सिविल एवं आपराधिक प्रकरणों की सुनवाई दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक संपादित करने के आदेश दे दिए हैं। इसके लिए उन्होंने अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय एवं मजिस्ट्रेट न्यायालय में माननीय न्यायाधीशों की 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक आदेशित किया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जारी आदेश में तहसील न्यायालय निवास, नैनपुर तथा भुआबिछिया के लिए भी माननीय न्यायाधीशों की 22 से 29 अप्रैल तक के लिए ड्यूटी निर्धारित की है।

उक्त न्यायिक अधिकारी नियत् तिथियों में अपरान्ह 3 बजे से 5 बजे तक न्यायालय में अपने स्टॉफ सहित उपस्थित रहकर अत्यावश्यक कार्य सम्पादित करेंगे। रिमाण्ड हेतु आरोपीगण की उपस्थिति एवं सुनवाई आदि कार्य वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से किया जायेगा। किन्हीं कारणों से आवश्यक कार्यवाहियाँ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पादित न होने की स्थिति में कार्यवाहियों के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। उक्त कक्ष में प्रवेश अथवा न्यायालय कक्ष में प्रवेश एक के बाद एक कम से होगा। पक्षकार, अधिवक्तागण, पुलिस कर्मी या अन्य किसी व्यक्ति का बिना मॉस्क न्यायालय परिसर एवं कक्ष में प्रवेश वर्जित रहेगा।

उक्त अवधि के दौरान किसी न्यायिक मजिस्ट्रेट के विषम परिस्थतियों में रिमाण्ड ड्यूटी करने में असमर्थ रहने पर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मण्डला द्वारा निर्देशित मजिस्ट्रेट द्वारा उनके स्थान पर कार्य संपादित किया जायेगा। इसी प्रकार, विशेष न्यायाधीश, अपर सत्र न्यायाधीश मण्डला के असमर्थ रहने पर उनके स्थान आवश्यक कार्य किशोर कुमार निनामा, पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मण्डला द्वारा संपादित किया जायेगा। जिला नाजिर यह सुनिश्चित करें, कि प्रतिदिन 3 बजे से 5 बजे तक न्यायालय में एक कक्ष खुलेगा, इसके अलावा शेष समय में न्यायालय में ताला बंद रहेगा। जूनियर सिस्टम एनालिस्ट वीडियो कान्फ्रेंस आदि की कार्यवाही के लिये उक्त अवधि में उपस्थित रहेंगे।

जिन न्यायालयों में आरोपीगण की रिमाण्ड कार्यवाही (बंडल फाईल) पूर्व से चल रही है तथा अभियोग पत्र, अंतिम प्रतिवेदन पेश नहीं हुआ है अथवा अभियोग पत्र पेश हो चुका है तथा 15-15 दिन अथवा उससे कम दिन की पेशी आरोपीगण की उपस्थिति बावत् दी जा रही है (अर्थात विचाराधीन बंदी के मामलों में), उन सभी मामलों में आवश्यकतानुसार कार्यवाही, जिसमें अत्यावश्यक अभियोग पत्र लेना भी शामिल है, संबधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा अपरान्ह 3 से 5 बजे के मध्य की अवधि में विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से की जायेगी। रिमाण्ड मजिस्ट्रेट रिमाण्ड कार्यवाही करने के पश्चात रिमाण्ड पेपर्स संबंधित न्यायालय अर्थात मामले की सुनवाई की अधिकारिता रखने वाले न्यायिक अधिकारी को सौंपेगे तथा केस डायरी एवं जेल वारंट पर इस आशय का नोट लगायेंगे कि आगामी रिमांड की कार्यवाही संबधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के द्वारा की जायेगी। रिमांड मजिस्ट्रेट अधिक से अधिक प्रथम 15 दिवस की ही रिमांड कार्यवाही करने हेतु अधिकृत है।

उक्त व्यवस्था के बावजूद समाधान नहीं मिलने पर किसी अन्य आकस्मिक समस्या के समाधान के लिये श्री विशाल शर्मा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के दूरभाष नम्बर 7000176859 से संपर्क किया जा सकता है। जारी किये गये उक्त सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन in letter and spirit के साथ किया जाये तथा कोविड संक्रमण की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये संशोधन एवं आवश्यक निर्देश समय-समय मे जारी किये जा सकेगे।

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