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Wednesday, April 28, 2021

जनता पर महंगाई और संक्रमण की पड़ी मार, पुलिस और प्रशासन ने भी नहीं छोड़ी कोई कसर




रेवांचल टाइम्स(नैनपुर) :- कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए लगातार जनता कर्फ्‌यू के कारण लोग परेशान नजर आ रहे हैं। जरूरतमंद वस्तुओं की खरीद फरोख्त के लिए पुलिस के डंडों का भय ठेला सब्जी चालक और ग्राहकों को सताता है। 

पुलिस का भय इतना अधिक है कि सब्जी ठिलिया चालक और ग्राहक हड़बड़ाहट मैं बेचना और खरीदना कर रहे हैं। प्रतिदिन पुलिस और प्रशासन का रवैया सख्त हो रहा है। पुलिस ने सब्जी  ठिलिया चालकों पर डंडे भी बरसाए है। ऐसे में छोटे व्यापारी किस तरह व्यापार करेंगे और किस तरह अपने परिवार का पालन पोषण करेंगे। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए शक्ति जरूरी है लेकिन इस तरह लोगों को डरा धमका कर उन पर डंडे बरसाना यहाँ प्रशासन का रवैया बिल्कुल गलत है।


सरकार ना जाने क्यों इस तरह का दुर्व्यवहार जनता के साथ कर रही है जनता के ऊपर कोरोना की मार, महंगाई की मार, और अब प्रशासन की मार भी भारी पड़ रही है। इस तरह केवल नुकसान जनता का ही हो रहा है प्रशासन के नुमाइंदे तो नौकरी कर हर महीना मासिक वेतन ले रहे हैं इस वजह से उन्हें ना तो कोरोना का डर है,नाही सरकार द्वारा बढ़ती महंगाई का।

लेकिन थोड़ी करुणा इन गरीब छोटे व्यापारियों पर प्रशासन को दिखानी चाहिए इतनी शक्ति करना यह सरासर अन्याय है


मानते हैं कि कर्फ्‌यू के दौरान भी सुबह के समय सब्जी बाजार में सबसे अधिक भीड़भाड़ होती है। लोग महंगे दामों पर आनन-फानन में सब्जी खरीदते देखे जा रहे हैं। संकट के समय भी सरकार ने महंगाई में किसी तरह की राहत नहीं दी है हर वस्तु के दाम इस समय बढे हुए हैं और कुछ व्यापारियों के लिए तो यह आपदा अवसर बनकर आई है। अनाप-शनाप दामों में ग्राहकों को वस्तुएं बेचकर अधिक मुनाफा कमा रहे हैं ऐसा ही हाल किराना दुकानों पर देखने को मिला, जहां भीड़भाड़ देखी गई। 


सरकार ने योजना चलाकर गरीब मजदूरों के घरों तक गैस और सिलेंडर तो उपलब्ध करा दी, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम  है कि घटने का नाम ही नहीं ले रहे जिसकी वजह से जनता की नजरों में सरकार फेल नजर आ रही है।


नैनपुर नगर में ठिलिया चालकों का कहना है कि पुलिस लगातार उन पर शक्ति बरत रही है उन पर बेवजह डंडे बरसाए जा रहे हैं। 

जब हम उनसे गिड़गिड़ाते हुए कहते हैं कि यदि व्यापार नहीं करेंगे तो हम और हमारा परिवार किस तरह जीवन यापन करेगा। तब कहीं जाकर वह मानवता समझ कर हमें कुछ समय की मोहलत देकर व्यापार करने की अनुमति देते हैं। और कहते हैं कि नगर में भ्रमण करते हुए व्यापार करो। 

इस पर सब्जी व्यापारियों का कहना है कि यदि हम इस भरी गर्मी में घूम कर व्यापार करते हैं तो सब्जियां जल्दी खराब हो जाती है और ग्राहक हमारी सब्जियों को लेने से इनकार कर देता है ऐसे में किस तरह हम व्यापार करेंगे।

प्रशासन को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए और सब्जी व्यापारियों को राहत देते हुए व्यापार करने की अनुमति देनी चाहिए।


सुनने में यह आ रहा है कि सरकार आगे कर्फ्यू में शक्ति बरतने का विचार कर रही है और पूरी तरह बंद करने का विचार बना रही है इस तरह पहले भी कर्फ्यू लगाने पर भी संक्रमण को रोका नहीं जा पाया है बल्कि लगातार संक्रमित आंकड़े बढ़ते दिखाई दिए हैं बल्कि समय सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था पर अधिक ध्यान देना चाहिए अधिक से अधिक जांच और अधिक से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगनी चाहिए।


लेकिन एक तरफ लोगों में वैक्सीन सफल ना होने का डर भी बना है अधिकतर लोगों में वैक्सीन लगवाने के बाद तबीयत बिगड़ने का डर बना हुआ है जिसकी वजह से लोग वैक्सीन सेंटर में कम संख्या में पहुंच रहे हैं लोगों को भयभीत करने में सोशल मीडिया ने भी कुछ कम कसर नहीं छोड़ी है रोजाना नेगेटिव खबरें देखकर संक्रमित व्यक्ति अधिक डर रहे हैं और डर के अपना आपा खो रहे हैं जिसकी वजह से अधिक लोग अपनी जान से हाथ धो बैठ रहे हैं सरकार को इस पर भी विचार करना चाहिए लोगों के दिलों से डर दूर करने के लिए सोशल मीडिया पर सीमित प्रतिबंध लगाना चाहिए। बल्कि लोगों का इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने के लिए प्रत्येक वार्ड के जनप्रतिनिधियों द्वारा एक अच्छा माहौल बनाना चाहिए और प्रतिनिधियों और प्रशासन को साथ मिलकर लोगों के दिलों से इस संक्रमण के डर को मिटाना चाहिए।


हर वार्ड के जनप्रतिनिधियों का यह कर्तव्य होना चाहिए कि वार्ड में गरीब मजदूर एवं निम्न वर्ग तबके के लोगों के घरों में क्या दिक्कत हैं उन तक राशन पहुंच रहा है या नहीं या फिर किस प्रकार की आर्थिक तंगी से वह परिवार गुजर रहा है यह जानकारी प्रांगण में उचित व्यवस्था करानी चाहिऐ ताकि लोग घरों से ज्यादा बाहर ना निकले और संक्रमण की चैन तोड़ने में आसानी हो।


लेकिन हमारे नगर के जनप्रतिनिधि अपने अपने घरों में दुबक कर बैठ गए हैं इस समय इन्हें जनता के दुख दर्द से कोई सरोकार नहीं है। इन्हें तो केवल इंतजार है चुनाव का।

यदि इस समय चुनाव की घोषणा कर दी जाए तो नए नए चेहरे, प्रतिनिधि बनकर उभरने लगेंगे और जनता का दुख दर्द कुछ इस तरह हल करेंगे जैसे इन्हें जनता की परेशानियों से अधिक दुख होता है।


नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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