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Friday, April 9, 2021

पीएम मोदी ने कोरोना को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक,पढ़े पूरी खबर विस्तार से..


पीएम बोले- एक बार फिर बन रही चुनौतीपूर्ण स्थिति प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकतर राज्यों में प्रशासन सुस्त नजर आ रहा है और ऐसे में केस बढ़ रहे हैं, फिर से युद्ध स्तर पर काम करना जरूरी हो गया है.कोरोना की स्थिति को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.


रेवांचल टाइम्स दिल्ली :–  देश में कोरोना की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की. इस वर्चुअल बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में एक बार फिर चुनौतीपूर्ण स्थिति बन रही है. मैं समझ सकता हूं सालभर की लड़ाई के बाद थकान या ढीलापन आ सकता है. देश फर्स्ट वेव के समय के पीक को खत्म कर चुका है.


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अधिकतर राज्यों में प्रशासन सुस्त नजर आ रहा है और ऐसे में केस बढ़ रहे हैं, एक बार फिर से युद्ध स्तर पर काम करना जरूरी हो गया है. पीएम ने कहा कि अच्छा होगा हम कोरोना कर्फ्यू रात के 9 बजे या 10 बजे लगाएं, ताकि सुबह मैं बाकी काम हो सके. साथ ही कहा कि कोरोना कर्फ्यू के रूप में प्रचार करना है, ताकि लोग इस पर ज्यादा ध्यान दें. पीएम ने कहा कि सवा लाख से 10 हजार से भी नीचे मामले लाए थे, फिर हम ऐसा कर सकते हैं.



हमारे पास पहले के मुताबिक कोरोना से निपटने के लिए अच्छे संसाधन है. अब हमारे पास वैक्सीन भी है. अब हमारा बल माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने पर होना चाहिए. नाइट कर्फ्यू की जगह कोरोना कर्फ्यू का शब्द इस्तेमाल करे, इससे सजगता बनी रहती है. देश में इस बार कोविड संक्रमण की बढ़ोतरी पहले से भी तेज है. हम सब के लिए यह चिंता का विषय है. इस बार लोग पहले की अपेक्षा बहुत लापरवाह हो गए हैं.


महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्य फ़र्स्ट वेव की पीक को भी क्रॉस कर चुके हैं. कुछ और राज्य भी इस ओर बढ़ रहे हैं. हम सबके लिए ये चिंता का विषय है. आज हम जितनी ज्यादा वैक्सीन की करते हैं, इससे ज्यादा हमें टेस्टिंग पर बल देने की जरूरत है. टेस्टिंग और ट्रेकिंग की बहुत बड़ी भूमिका है. टेस्टिंग को हमें हल्के में नहीं लेना होगा.


11 अप्रैल ज्योतिबा फुले जी की जन्म जयंती है और 14 अप्रैल बाबा साहेब की जन्म जयंती है, उस बीच हम सभी टीका उत्सव मनाएं. कोविड मैनेजमेंट का एक बहुत बड़ा पार्ट वैक्सीन की बर्बादी को रोकना भी है. वैक्सीन को लेकर राज्य सरकारों की सलाह, सुझाव और सहमति से सही देशव्यापी रणनीति बनी है. वैक्सीनेशन के साथ साथ हमें ये भी ध्यान रखना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद की लापरवाही न बढ़े. हमें लोगों को ये बार-बार बताना होगा कि वैक्सीन लगने के बाद भी मास्क और सावधानी जरूरी है.

हमने कोरोना की लड़ाई जीती थी, बिना वैक्सीन के. ये भी भरोसा भी नहीं था कि वैक्सीन आएगी या नहीं. आज हमें भयभीत होने की जरूरत नहीं है. हम जिस तरह से लड़ाई को लड़े थे, उसी तरह से फिर से लड़ाई जीत सकते हैं. हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें. मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें.

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