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Tuesday, April 27, 2021

सकारात्मक सोच रखने से ही जीत पायेंगे कोरोना संक्रमण महामारी की जंग महामारी से बचने का ब्रम्हाशस्त्र है कोविड़ वैक्सीन..

रेवांचल टाईम्स :-  कोविड़ की वैक्सीन आते ही स्वभावत: हमैशा तरह हमारे सामने उसे लेकर दो पक्ष मन मैं आये---पहला सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक-



कहा जाता है कि सकारात्मक सोच रखने वालों को ज्यादा कुछ समझाने की जरूरत नहीं होती है वैक्सीनेशन शुरू हुआ अनेको लोगो ने सबसे पहले जाकर वैक्सीन लगवाई और दूसरे अन्य लोगों से भी जाकर कहाँ कि भैया  अपने सुरक्षित जीवन के लिए आप सभी लोग भी जरूर  वैक्सीन लगवाये--पर ऐसे लोग जो नकारात्मक सोच रखते हैं उन्होने बिना कुछ जाने समझे और  पहचाने  बहाने पकड़ने शुरे कर दिये कि वैक्सीन लगवाने से बुखार  आता है, शरीर मैं दर्द बना रहता है और जो व्यक्ति पहले वैक्सीन लगवाये है उन्हें भी कोरोना वायरस के संक्रमण ने घेर लिया है फ्लाॅ फ्लाॅ-- ऐसे मैं जो तीसरी सोच वा बीच  की सोच वाले " व्यक्ति जो माहौल देख कर अपने मन को बनाते हैं ये बेचारे सोच मैं पड़ गये कि अब वैक्सीन लगवाये कि नहीं ? या अभी और देख ले कि किसे क्या हो रहा है , इससे कितने लोगों की मृत्यु हो रही है। ऐसे नकारात्मक सोच और बीच की सोच रखने वाले जो वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं इनके कारण ही वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से जंग जीतने मैं व्यवधान पैदा कर रहे हैं या साफ शब्दों मैं कहे जो व्यक्ति कोविड़ वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं वो मेरी नजर में कोरोना वायरस के संक्रमण को जाने अनजाने मैं  ज्यादा फैलाव कर रहे हैं । अब तक अनुभव साफ बता रहे हैं कि जो व्यक्ति अभी तक पहला ड़ोज या दूसरा ड़ोज कोविड़ की वैक्सीन लगवा चुका है उसे कोरोना वायरस के संक्रमण ने अपनी चपेट मैं नहीं लिया या साफ कहें आज तक ऐसे व्यक्ति पूर्णतः स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं । यदा कदा कहीं पर ऐसी छुट पुट घटनाएँ घटती है । आज गाँव हो या शहर चारों तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण बहुत ही तीव्र गति से चारों तरफ बैखोफ फैल रहा है गाँवों मैं जन जागरूकता की कमी दिखाई देती है ग्रामीण महिला पुरुष  आज भी जिन्दगी से अनजान बने हुए हैं । मास्क का उपयोग नहीं के बराबर कर रहे हैं । बेवजह घूमते रहते हैं । ग्राम पंचायतों मैं मनरेगा योजना अंतर्गत शासकीय निर्माण कार्य चल रहे हैं जिसे अब इस बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए बन्द कर देना चाहिए । अभी मात्र हमारे सामने " दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी " जैसे प्रकल्क को सामने रख जन समुदाय को लगातार जागरूक करना मुख्य काय॔ है । समाज सेवीयो ने रेवांचल टाइम्स ( राजा विश्वकर्मा ) को बताया कि जिले मैं स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग के द्रारा लगातार  इस दिशा मैं केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार से प्राप्त गाईड लाईन के अनुसार निर्देशों का अक्षर: पालन करवाया जा रहा है किन्तु ग्रामीण अंचलों मैं समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का चारों तरफ अभाव बना हुआ है गाँव गाँव घर घर वायर बुखार  और टाईफाईड़ से लोग बाग जूझ रहे हैं इनके इलाज की कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है । शहर मैं तो स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो जाती है किन्तु ग्रामीण अंचलों मैं संसाधनों का पूरी तरह अभाव बना रहता है इस दिशा मैं जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शीघ्र ही उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं की संपूर्ण व्यवस्था करना चाहिए । हमारे द्रारा गाँव मैं लगातार सहयोग किया जा रहा है और समय समय पर इन्हें वाहनों की उपलब्धता करवाई जा रही है ।

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