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Tuesday, April 13, 2021

काका वेयरहाउस में अवस्थाओं के चलते गेहूं तुलाई में किसान हो रहै है परेशान...




रेवांचल टाइम्स :- नैनपुर बालाघाट रोड पर स्थित काका वेयर हाउस में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है। यहां अव्यवस्थाओं के अंबार से अपनी उपज बेचने आ रहे किसान परेशान है। चिलचिलाती धूप में बीते तीन-चार दिनों से कई कृषक अपना नंबर आने की बाट जोह रहे हैं। खरीदी केंद्र पर पसरी अव्यवस्थाओं से आहत होकर अन्नदाता अब कहने लगे हैं कि जल्द ही व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान कड़ा विरोध भी करेंगे।


हफीज खान, संतोष ठाकुर, असद कुरेशी, गया ठाकुर, तरिक खान, राम ठाकुर और असद पटेल आदि कृषकों ने मौके पर मीडिया को बताया है कि हम बीते चार दिनों से केंद्र पर हैं। अभी तक हमारी उपज तौले जाने का नंबर नहीं आया है। साथ ही एक कृषक ने बताया कि उसे जिस दिन का टोकन दिया गया था, नियम के अनुसार उसी दिन अनाज की तुलाई होनी थी। लेकिन तीन दिन पूरे होने को है अभी तक उपज तौले जाने का नंबर नहीं आया। खरीदी केंद्र पर दो तौलकांटे लगाए गए हैं। जिन पर आज दिनांक तक लगभग 8 - 10 ट्रालियां ही तुल पाई हैं।  


वेयर हाउस में पर्याप्त जगह नहीं होने से बार-बार खरीदी प्रभावित हो रही है। इसके चलते अब चिलचिलाती धूप में अपनी उपज बेचने आए किसान भी हताश हो चुके हैं। वेयर हाउस में जगह का अभाव है। इधर वेयर हाउस में पर्याप्त हम्माल भी नहीं है। इससे भी खरीदी प्रभावित हो रही है। बीते तीन-चार दिनों से वेयर हाउस के बाहर खड़े कृषकों ने मीडिया को बताया कि फोरलेन होने से दुर्घटना का भय बना रहता है और कुछ किसानों का कहना है कि यहां पर जानवर भी अधिक परेशान कर रहे हैं। गाय वगैरा गेहूं मे मुंह मार कर किसानों का नुकसान कर रही हैं जिसकी देखरेख करने वाला यहां कोई नहीं।


क्षेत्र के किसानों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। समर्थन मूल्य खरीदी के कई केंद्रों पर अधिक आव्यवस्थाएं है। काका वेयरहाउस  वार्ड नंबर 14  अधिक लापरवाही बरती जा रही है यहां किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था भी नहीं है एवं पीने के लिए पानी भी उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से किसान अधिक परेशान हो रहे हैं किसानों को दिनभर इंतजार के बाद मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। जैसा कि हमें ज्ञात है इस समय कोरोना महामारी को देखते हुए बैंक की कार्यप्रणाली भी धीमी गति से चल रही है अगर गेहूं की तुलवाई हो भी जाए तो बैंकों से रुपये का भुगतान होने पर भी अधिक समय व्यतीत होगा। किसानों को बैंकों के चक्कर भी लगाना पड़ सकते हैं।


यहां कुछ किसान ऐसे भी है, जिनके पास स्वयं का ट्रैक्टर नहीं है और जो एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से ट्रैक्टर लेकर आये है। माल नहीं तुलने से ट्रैक्टर का भाड़ा बढ़ रहा है।एक अन्य किसानों ने बताया कि वह भी 3-4 दिन से खड़े हैं, लेकिन अब तक तुलवाई नहीं हो सकी। किसानों को खरीदी केंद्र के बाहर चिलचिलाती धूप में खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है। केंद्रों पर ठंडे पानी की व्यवस्था भी नहीं है। सरकार द्वारा विपणन समिति को हम्माल और तुलावटियों को प्रति क्विंटल साढ़े 14 रुपये मिलते हैं। इसमें तुलावटियों को साढ़े तीन रुपये तो हम्मालों को 11 रुपये प्रति क्विंटल मिलते हैं। इन साढ़े 14 रुपये में से साढ़े 6 रुपये किसान से मिलने वाली राशि से पहले ही काट लिया जाता है। वहीं 8 रुपये व्यापारी द्वारा दिए जाते हैं। यह सब तब होता है, जब उपज छोटे कांटे पर तौली जाती है। बड़े कांटे पर तुलने के बाद यह व्यवस्था बंद हो जाती है। लेकिन काका वेयरहाउस में हम्मालों द्वारा अलग से पर कुंटल तुलाई पर ₹ 5 की मांग की जा रही है।


इनका कहना है,


"हम लगभग तीन-चार दिनों से यहां अपने वाहन में अपना गेहूं लेकर आए हुए हैं लेकिन आज दिनांक तक हमारा नंबर नहीं लगा है। जगह की कमी होने की वजह से जब तक पुराना गेहूं तुल कर रखा नहीं जाएगा तब तक हमारा नंबर नहीं लगेगा और यहां हम्मालों द्वारा एक कुंटल पर 8 रू तोलाई के मांगे जा रहे हैं जो कि सरकार द्वारा कहीं से नियम में नहीं है।"

          फहीम खान,किसान


वही जब मीडिया रिपोर्टर द्वारा हम्मालो के मुकद्दम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि,


"हमारे द्वारा किसानों से तुलाई का पैसा नहीं मांगा जा रहा है, लेकिन जो हम्मालों द्वारा साफ सफाई की जा रही है उसके लिए प्रत्येक कुंटल पर हम 4 या 5 रू की मांग कर रहे हैं।"

                      मुकादम राजू


किसान भाइयों का कहना है की वेयरहाउस में उचित व्यवस्था बनाई जाए तत्काल हम्माल और तौल कांटा बढ़ाया जाए, एवं यदि वेयरहाउस में जगह की कमी है तो बड़े किसानों का अनाज मंडी में तुलवाया जाए ताकि किसानों को परेशान ना होना पड़े। क्योंकि देखा जा रहा है कि अभी भी बड़े किसानों का आनाज आना बाकी है। यदि जगह का अभाव रहा तो जो किसान अपना अनाज लेकर यहां पहुंचेंगे उन्हें भी इंतजार के सिवा कुछ हाथ नहीं लगेगा तो सभी किसानों का प्रशासन से निवेदन है की उचित व्यवस्था बनाते हुए वेयरहाउस की जगह कृषि मंडी में अनाज की तुलाई की जाए।

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