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नगर परिषद की अनदेखी, अस्तित्व की लडाई लड़ रहा हैं बिछिया का मुख्य तालाब - revanchal times new

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Friday, April 23, 2021

नगर परिषद की अनदेखी, अस्तित्व की लडाई लड़ रहा हैं बिछिया का मुख्य तालाब






● नेता खुद के विकास और सौंदर्यीकरण तो कर लिए लेकिन तालाब का सौंदर्यीकरण तो छोड़ो सफ़ाई भी नही हो पाई

● चुनाव में किये थे सौंदर्यीकरण का वादा, जीतने के बाद तालाब में नही पड़ी किसी की नजर

● गंदगी के अंबार से भरा तालाब , लोग गन्दे पानी मे कर रहे निस्तार


रेवांचल टाइम्स। नगर बिछिया के वार्ड क्र 05 में शिव मंदिर के सामने का तालाब बिछिया के सबसे पुराने और बड़े एक तालाब में सुमार था जो लोगो के निस्तार से लेकर सभी आवश्यक कार्यो में जलआपूर्ति का साधन बना हुआ था। लेकिन विगत कुछ वर्षों से स्थानीय नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण यह तालाब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है ।इसके पूर्व में इस तालाब से नगर की जल आपूर्ति का जरिया और नगर की शान बने तालाब धार्मिक आयोजनों में अपनी अहम भूमिकानिभाई जो इसके सौंदर्य में चार चांद लगाती थी।



पूर्व में जवारे विसर्जन के दौरान इस तालाब को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते थे लेकिन वर्तमान में यह तालाब गंदगी एवं संरक्षण न हो पाने से इसकी स्थिति बहुत खराब हो चुकी है , अब स्थानीय स्तर पर लोग इसकी सफाई व संरक्षण के साथ सौंदर्यीकरण की मांग कर रहे है।



नगर परिषद अध्यक्ष के घोषणा पत्र में तालाब सौंदर्यीकरण का मुद्दा हवा हवाई निकला


हर वर्ष गर्मियों में पेयजल एवं निस्तार की जलापूर्ति करने वाला यह तालाब राजनीतिक स्तर से भी अपनी अहम भूमिका रखता रहा है इसके पूर्व में नगर परिषद के चुनाव में नगर अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ रहे बृजेंद्र सिंह कोकड़िया द्वारा अपने चुनावी घोषणा पत्र में तलाब सुंदरीकरण का वादा किया गया था जिसका प्रचार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से किया था घोषणा पत्र के जारी करने के दौरान यह विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया गया था लेकिन चुनाव खत्म हुए बृजेंद्र सिंह कोकड़िया नगर अध्यक्ष बन गए और लगभग 4 साल बीत गए लेकिन अभी तक सौंदर्यीकरण तो छोड़ें इस तालाब का गहरीकरण नाही साफ सफाई की गई। जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है ऐसे जनप्रतिनिधियों को चुनाव के समय सबक सिखाना अति आवश्यक होता है क्योंकि इनके लिए वादे तो आसान होते हैं लेकिन वादों के बाद निभाना यह मजाक समझते हैं। अब आगे देखना है कि कब इस तालाब कि साफ सफाई होती है और यह तालाब नए रूप में लोगों के सामने आता है या नहीं।

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