मण्डला 16 अप्रैल 2021
जिले का महिला बाल विकास विभाग ने शासकीय गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य एवं उनके सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्य कर रहा है। ’’सेम-फ्री मंडला’’ अभियान के तहत् कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें कुपोषण से बाहर किया जा रहा है। साथ ही ’’निरक्षरता से आजादी’’ अभियान के तहत् गांव की साक्षर महिला द्वारा निरक्षर महिलाओं को अक्षर ज्ञान एवं सामान्य बैंकिंग गतिविधियों से परिचित कराया जा रहा है। विगत् दिनों से महिला बाल विकास विभाग बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के विरूद्ध भी प्रभावी कार्य कर रहा है। इसी तारतम्य में विभाग को ग्राम मधुपुरी में बाल विवाह कराए जाने के संबंध में सूचना प्राप्त हुई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे के निर्देशन में परियोजना अधिकारी अनूप नामदेव बाल विवाह को रोकने मौके पर पहुंचे। उन्होंने बालिका की आयु के संबंध में दस्तावेज के आधार पर आयु मिलान करने के पश्चात् परिजनों से मुलाकात की एवं बाल विवाह से होने वाले पारिवारिक, सामाजिक स्वास्थ्य तथा अन्य नुकसान के बारे में समझाईश दी। महिला बाल विकास विभाग एवं पुलिस विभाग ने परिजनों को बाल विवाह कराने पर कानूनी प्रावधानों के बारे में भी बताया। बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से परिजनों ने भी अपनी बेटी का बाल विवाह नहीं करने की समझाईश को मान लिया।


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