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Thursday, April 29, 2021

नैनपुर कोविड केयर सेंटर बने 100 बिस्तर अस्पताल में,गंदगी होने से संक्रमित हो रहे परेशान VIDEO देखें



रेवांचल टाइम्स :- सरकारी विभाग के अधिकारी जागरूकता लाने की बात जरूर करते हैं लेकिन स्वास्थ विभाग में स्वच्छता अभियान की पोल खुलती नजर आ रही है। स्वच्छता अभियान को लेकर काफी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लेकिन नैनपुर शहर के 100 बिस्तरीय अस्पताल में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

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हालात यह है कि अस्पताल के मुख्य द्वार सहिंत कोविड भर्ती वार्ड के समीप मच्छरों सहित गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्वच्छता की बात जरूर करते हैं लेकिन स्वयं के विभाग में नजर दौड़ाई तो यहाँ डस्टबिन का दूर-दूर तक पता नहीं है। कहीं गंदगी से भरे डिस्पोजल पड़े हुए हैं साथ ही परिसर में डस्टबिन नहीं होने से यहां उड़ता फिरता कचरा आसानी से देखने को मिल रहा है।




नैनपुर के धनोरा स्थित 100 बिस्तर अस्पताल को इस समय 50 बिस्तरीये कोविड केयर सेंटर कलेक्टर के आदेश द्वारा बनाया गया है जहां कोविड संक्रमित मरीजों को रखा गया है। लेकिन यहां साफ-सफाई नाम की कोई व्यवस्था नहीं है कोविड मरीज इलाज के लिए यहां आ रहे हैं लेकिन अस्पताल में आते हैं तो अस्पताल की गंदगी और उससे फैलने वाले मच्छरों से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

नगर एवं आसपास के ग्रामीण अंचल से लगभग प्रत्येक दिन कोविड मरीज सिविल अस्पताल में इलाज कराने आ रहे हैं ।




नैनपुर अस्पताल की हालत बद से बदतर हो गई है। जिसकी वजह से मुख्यमंत्री चौहान द्वारा 100 बिस्तर अस्पताल की घोषणा की गई थी जो लगभग 10 साल में बनकर तैयार हुआ है और अभी भी संसाधन और उच्च कोटि के चिकित्सा की कमी के चलते यह पूरी तरह से प्रारंभ नहीं हो पाया है। जिस और राजनीतिक सत्ताधारी पार्टी दल के जनप्रतिनिधि और नेताओं का ध्यान नहीं जाता तथा विपक्ष भी इसे जल्द से जल्द पूर्ण रूप से प्रारंभ करने में कोई आवाज नहीं उठाता कुछ दिनों पहले तक यहां ऑक्सीजन सिलेंडर की भी भारी कमी देखी गई थी लेकिन भला हो नगर के बुद्धिजीवी युवाओं का जिन्होंने एक दूसरे के सहयोग से अपनी क्षमता के अनुसार राशि प्राप्त कर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करवाई है जिससे कोरोना संक्रमित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही है।




तथा नगर पेटू जंक्शन के संचालक ओम चौरसिया द्वारा लगातार मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है जो कार्य नगर के जनप्रतिनिधि तथा शासन प्रशासन को करना चाहिए वह नगर के युवा एक दूसरे के सहयोग से राशि जमा कर सहायता दे रहे हैं। रोगी कल्याण समिति के नाम पर समिति बनाई तो गई है लेकिन इस समिति का एक भी सदस्य यहां कभी झांकने तक नहीं आता। रोगी कल्याण समिति में सक्षम लोग मौजूद होने एवं पर्याप्त आर्थिक फंड होने के बाद भी मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। और अस्पताल में किसी प्रकार का सुधार नहीं किया जा रहा है




यदि अस्पताल में सफाईकर्मी कम हैं तो रोगी कल्याण समिति के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि अस्पताल में गंदगी न हो। हजारों-लाखों रुपये का फंड रोकस मैं होता है लेकिन उसके बाद भी राशि का सदउपयोग नहीं किया जाता है।




इन खराब व्यवस्थाओ के पीछे कौन दोषी है, नगरपालिका,जनप्रतिनिधि या एस डी एम, जिनको ये नही दिख रहा कि इस महामारी के समय नैनपुर अस्पताल की साफ सफाई कितनी जरूरी है, अस्पताल में लगातार सैनिटाइजर का प्रयोग करके साफ सफाई भी नही हो रही है। न ही सुबह शाम पोंछा लग रहा है।




बस इस बात की वाह वाही चल रही है कि 100 बिस्तर चालू हो गया ऐसी परिस्थिति में एस डी एम को रोज़ अस्पताल का दौरा करना चाहिए लेकिन उनके द्वारा नैनपुर के लोगो को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। ऑक्सीजन होने के बावजूद फ्लो मीटर नही है अगर मौत होती है तो उसके जवाबदार कौन होगा ?




नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट



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