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Saturday, April 17, 2021

सांसों की कालाबाजारी:बड़े अस्पतालों को पहले, तो वहीं छोटे अस्पतालों को 8 से 10 घंटे इंतजार करने पर उपलब्ध हो ऑक्सीजन सिलेंडर

  


जबलपुर | कोरोना संक्रमण के बढ़ते हालात के कारण जहां श्मसान घाटों पर कोरोना से हुई मौतों के अंतिम संस्कार के लिए जहां लकड़ी और जगह कि कमी पड़ रही है तो वहीं रेमडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी भी रुकने का नाम नहीं ले रही है तो वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर कि भारी कमी नजर आ रही हैं,, इस पूरे मामले को देखते हुए जब आज हमारी टीम रिछाई स्थित ऑक्सीजन प्लांट पहुंची तो वहां देखने लायक मंजर था,, ऑक्सीजन प्लांट का दावा है कि वह अस्पतालों की आवश्यकतानुसार उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया करा रही है, लेकिन वहीं प्लांट में ऑक्सीजन सिलेंडर लेने पहुंचे अस्पताल कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों के नजरो के सामने यह मुंह दिखाई का कार्यक्रम चल रहा है,,, बड़े अस्पतालों को पहले, तो वहीं छोटे अस्पतालों को 8 से 10 घंटे इंतजार करने पर सिलेंडर उपलब्ध हो पा रहे हैं।


बाइट - निजी अस्पताल कर्मचारी


वी ओ - वहीं इस पूरे मामले में हम आपको बता दें कि ऑक्सीजन प्लांट में मौजूद जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ने प्रशासन की कमियों पर पर्दा डालते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर की अस्पतालों की आवश्यकतानुसार पर्याप्त मात्रा में पूर्ति होना बताया लेकिन साहब को एक जिम्मेदार पड़ पर बैठने के बाद यह भी नहीं पता कि एक कोरोना मजीर को वेंटिलेटर पर एक घंटे में कितने ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता होती है।


बाइट - ललित ग्वालवंशी (तहसीलदार)


वी ओ - अब इस पूरे मामले में देखने वाली बात यह होगी कि इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना बयान देने वाले अधिकारी अस्पतालों में हो रही ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में कामयाब हो पाएंगे या सिर्फ कागजी आंकड़ों पर ही अपनी पीठ थपथपा एंगे ।


रिपोर्ट - जे पी सिंह

7987793848

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