रेवांचल टाईम्स :- इस महामारी के चलते हर इंसान अपने आप को असहाय और अशांत महसूस कर रहा है l शासन के नि यमों के परिपेक्ष में हर उम्र का व्यक्ति, इंसान अपने आप को घर की चारदीवारी के बीच में सुरक्षित रहने को मजबूर है, लेकिन इनमें पढ़ने लिखने वालों बच्चों के लिए समय व्यतीत करना बड़ा ही मुश्किल और कठिन होते चला जा रहा है ,ऐसी विषम परिस्थितियों में हर व्यक्ति के मन में अनेकों अनेक विचार जन्म ले रहे होते हैं। ऐसी ही विषम परिस्थिति मैं मेरी बिटिया शुभांशी कांसकार अपने घर के छोटे से बगीचे में बैठकर उसके मन में विचार आया कि क्यों ना गौतम बुद्ध के चित्र को घर की दीवाल में चित्रकारी के माध्यम से प्रदर्शित करते हुए गौतम बुद्ध के विचारों, उद्देश्यों ,सुझाव को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया जावे, बिटिया शुभांशी कांसकार ने प्रथम प्रयास के चलते हुए गौतम बुद्ध के चित्र की चित्रकारी को करते हुए वर्तमान परिस्थितियों में उनके विचारों को चित्रांकन ,चित्रकला के माध्यम से अभिव्यक्त किया है कि वर्तमान परिस्थिति में इंसान का शरीर बेशकीमती है, यह हमारे उत्थान का साधन है, इसका हम गंभीरता से ध्यान रखते हुए लोगों से दूरियां बनाएं, स्वस्थ रहना ही जीवन जीने के लिए ,सार्थक है अन्यथा मौत निश्चित, इसलिए निरोगी रहें और स्वस्थ रहें, इसके लिए अनिवार्य है कि शांति को बाहर ना खोजें शांति का वास आपके अपने अंदर विद्वान है, नफरत अनिष्ट करवाता है, पता है ना नफरत को प्यार से दूर किया जा सकता है, वर्तमान परिस्थिति में भूतकाल एवं भविष्य की चिंता ना करते हुए वर्तमान को संभालने का प्रयास करें, भ्रामक संदेशों का अपने जीवन में कोई भी स्थान ना प्रदान करें इससे आपका आत्मबल कमजोर होगा ,अतः उचित होगा कि सत्य को स्वीकार करें और उसे अपने जीवन में अमल करें, आखिर सत्य तो सत्य ही होता है सत्य पर अडिग व्यक्त सदैव दृढ़ और मजबूत होते हैं, बाहरी कुरीतियों से संघर्ष करने की अपेक्षा स्वयं को अंदर से मजबूत बनाएं फिर हर जीत आपकी ही होगी, जिस कार्य को भी आप कर रहे हैं पूर्ण निष्ठा लगन ,मेहनत ,परिश्रम ,वफादारी और ईमानदारी से करने पर मन में संतोष होगा तो उसे आप अवश्य ही पूर्ण करने में सक्षम हो सकेंगे, इन सब विचारों का अनुसरण अगर आप अमन और शांति के साथ करेंगे तो आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा, जोकि वर्तमान समय में चल रही कोविड-19 महामारी की परिस्थिति के लिए अत्यंत कारगर सार्थक और असरदार साबित होगा,, अगर आप कोई विचार या काम अच्छे मन से करेंगे तो उसमें सफलता अवश्य ही मिलेगी, अपने विचारों को क्रियान्वित करने के लिए स्वयं, खुद ही प्रयासरत रहें किसी पर आश्रित या निर्भर ना होवे, क्रोध पर स्वयं का नियंत्रण आवश्यक है अन्यथा आप हमेशा असफल रहेंगे, आप हमेशा सरल सहज सरल निर्मल रहते हुए, ईर्ष्या को स्थान ना देवे, हर इंसान अपनी सेहत और अपनी बीमारी का जनक स्वयं है इसलिए कोविड-19 महामारी की विषम परिस्थितियों को देखते हुए शासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का प्रत्येक व्यक्ति पालन करे तो निश्चित ही हम इस कोरोना दैत्य को निश्चित ही विजय प्राप्त कर सकेंगे ।

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