रेवांचल टाईम्स :- मंडला मध्यप्रदेश के मंडला जिले में ग्राम पंचायतों में मनमानी चरम सीमा पर पहुंच गयी है। यूूं तो लगभग सभी सरकारी विभागों के माध्यम से सरकारी योजनाओं में धांधली और लापरवाही की ही जा रही है लेकिन ग्राम पंचायतों में इसका ज्यादा बोलबाला हो गया है। फर्जी ठेकेदार ग्राम पंचायतों के काम करा रहे हैं। आला अधिकारियों की सांठ गांठ से जिन कामों को ग्राम पंचायतों को कराना चाहिये उनको फर्जी ठेकेदार जैसे तैसे पूरा करवा रहे हैं। खासकर निर्माण कार्यों को गुणवत्ता को पूरा ताक में रखा जा रहा है। रेत की जगह डस्ट का भारी उपयोग किया जा रहा है। मंडला जिले की जनपद पंचायत नैनपुर के ग्राम परसवाडा में इस समय मनमानी, लापरवाही और धांधली का भारी जोर है। फर्जी ठेकेदार, सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक से सांठ गांठ करके आला अधिकारियों के संरक्षण में पुलिया निर्माण, नाली निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय व रंचमंच निर्माण में नियम कानून की धज्जियां उड़ाकर भारी भ्रष्टाचार कर रहा हैं। एस्टीमेट के अनुसार पुलिया का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। बोल्डर भरकर ऊपर से सीमेंटीकरण करके लाखों रूपयों की होली खेली गयी है। इसी तरह नाली का निर्माण भी तरीके से नहीं किया गया है। दोनों तरफ मुर्रम नहीं भरी गयी है। नाली निर्माण का मटेरियल सड़क पर बिखरा हुआ है जिससे नागरिकों को परेशानी हो रही है। इसी तरह यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। प्रतीक्षालय की छत का लेंटर भी मिट्टी मिश्रित डस्ट से डाल दिया गया है। पानी गिरने पर प्रतीक्षालय की छत टपकने लगती है। यही हाल विधायक निधि से निर्मित किये गये रंगमंच का हो गया है। पुराने रंगमंच की छत की पुराने लोहे की जंग लगी रॉड का उपयोग रंगमंच की छत पर नया लेंटर करने के लिए किया गया है। इस काम साजिश रच कर गांव के मिस्त्रियों और मजदूरों को काम पर नहीं लगाया गया। जिस दिन छत का लेंटर करना था उस दिन गांव में मुनादी कराई गई कि छत का लेंटर करने के लिए श्रमदान करें। गांव वालों का कहना था कि पैसे देकर दूसरे गांव के मजदूरों और मिस्त्रियों से काम करवा रहे हैं हम पहले भी पुरानी छत को तोडऩे के लिए श्रमदान कर चुके हैं इस बार पैसे देकर काम कराएं। लेकिन ग्राम पंचायत ने नही माना गांव के मजदूर वापिस लौट गए और पहले से तय किये गए दूसरे ग्राम के मजदूरों से पैसे देकर लेंटर कार्य करवा लिया गया। इस संबंध में जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम में दो बार शिकायत हुई लेकिन कोई सही जांच पड़ताल न होने की वजह से आज भी यहां मनमानी, धांधली और लापरवाही चल रही है। साजिश रचकर गांववालों को रोजगार से वंचित करने और घटिया निर्माण कराने वालों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग शासन प्रशासन से की गई है। इस संबंध में जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर से शिकायत भी की गई थी, लेकिन कोई सही कार्यवाही नहीं हो पाई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जॉच में गोलमाल है। अत: जॉच अधिकारी, मुख्यकार्यपालन अधिकारी, संबंधित उपयंत्री के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की गई है।

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