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Wednesday, March 24, 2021

फिटारी के वनग्राम लमोठा में, गंदे नाले किनारे बनी झिरिया का पानी पीने मजबूर ग्रामजन

 




रेवांचल टाईम्स :- आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के अंतर्गत आने वाले जनपद समनापुर अन्तर्गत ग्राम पंचायत फिटारी के लमोठा ग्राम में ग्रामीणों को पेयजल की व्यापक समस्या है। ग्राम पंचायत लमोठा के ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी आते आते हमें पानी के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। हमें पीने के लिए पानी लेने नदी और नाले में जाना पड़ता है। आसपास में एक भी कुआं या नलकूप नहीं है। पूर्व के वर्षों में ग्राम पंचायत के द्वारा कुआं स्वीकृत कराया गया था जिसका निर्माण सही ढंग से नहीं किये जाने से कुआं उपयोगी नहीं है। दूषित पानी पीने से ग्रामीणों को बीमारी का खतरा हर समय बना रहता है। वन ग्राम फिटारी के लमोठा के ग्रामीण पास के नाले  से निस्तार के लिए पानी लाते है वहीं पीने के पानी के लिए उन्होंने एक गड्ढा खोद रखा है जिससे नाले का पानी थोड़ा साफ होकर पीने के काबिल हो सके। ग्रामीण बताते है की सभी लोग यह पानी पीने को मजबूर है। वहीं ग्राम के लोगों ने बताया कि अधिक गर्मी पड़ने पर जब नाले का पानी सूख जाता है जो उनके कंठ की प्यास बुझाने वाला यह स्रोत भी जवाब दे देता है ग्रामीण प्यास बुझाने दूर जंगल में कोई और झिरिया या फिर नाला तलाशते है। आज जहां शासन प्रशासन बड़े बड़े दावे कर रहा है वहीं जिले के वनग्राम में रहने वाले ग्रामीणों को पीने के लिए शुद्ध, साफ पानी उपलब्ध नहीं है। लोगों की प्राथमिक आवश्यकता पूरी नहीं किए जाने के पीछे जिम्मेदार अमले और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही और असंवेदनशीलता साफ जाहिर है। ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्यों और गांवों की प्राथमिक जरूरतों की पूर्ति के लिए फंड की कमी नहीं है। वहीं  पीएचई विभाग को हर गांव में पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए लंबा चौड़ा अमला, साधन और आवंटन शासन ने प्रदान कर रखा है, लेकिन कुर्सी तोड़ती अफसरशाही को मैदानी समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। इस तरह परेशान ग्रामीणों और गांवों की समस्या के निदान करने के बजाय इन जिम्मेदार विभाग उसके अधिकारियों और अमले के पास बहानो की लंबी सूची तैयार है। जनपद पंचायत और पीएचई  ऐसे वन ग्रामो में आने वाले कितने दशक में पीने के पानी का इंतजाम कर पाएगा यह सवाल जरूर है।


 इस बस्ती में 30 से 35 घरों में लोग निवास करते हैं और सभी दूषित पानी का उपयोग पीने के  के लिए करते है, इसी से प्यास बुझाते हैं।


 इस कोरोना कॉल में लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं हम लोग इसके कारण हर समय संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। सरपंच एवं सचिव को बार बार कहने पर भी इस  बड़ी समस्या की ओर ध्यान ग्राम पंचायत नहीं दे रहा है।


नलकूप भी नहीं होने से ग्रामवासी संकट झेलने मजबूर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस व्यापक समस्या का निदान समय रहते किया जावे गर्मियों में लोग बूंद बूंद पानी को मोहताज होते है।

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