जहां से रिश्वत लेते रंगे हाथ जबलपुर के सहायक यंत्री को पकड़ा गया था लेकिन नैनपुर के सहायक यंत्री और इंजीनियर बचे हुए थे लेकिन आवेदक के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों पर आखिरकार लोकायुक्त पुलिस जबलपुर नें लेखपाल अरुण यादव के ऊपर एफ आई आर दर्ज की है। वहीं नैनपुर में पदस्थ उपयंत्री रोजिया डोंगरे पर आय से अधिक संपत्ति की जांच खड़ी कर दी है बाबू पर विवेचना और साक्ष्य के आधार पर थाना विशेष पुलिस स्थापना में एफ आई आर दर्ज हुई है बाबू पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 1988 एवं संशोधन अधिनियम 2018 की धारा A 7 क क्रमांक के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। उक्त f.i.r. 8 फरवरी को दर्ज की गई है लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि उक्त बाबू अभी भी नगर पालिका नैनपुर में मजे से काम कर रहा है। वहीं सूत्रों का कहना है कि उक्त बाबू पूर्व में भी लोकायुक्त की चपेट में आ चुका है
बता दें कि जबलपुर में सहायक यंत्री को रिश्वत लेते लोकायुक्त जबलपुर ने दबोचा था प्रभारी सहायक यंत्री नें एक ठेकेदार से नगरपालिका नैनपुर में कराए गए निर्माण जिसकी लागत 5 लाख 24 हजार के बिल भुगतान के अनुमोदन एवज में उक्त रिश्वत मांगी थी जिसकी सूचना पीड़ित द्वारा लोकायुक्त जबलपुर को दी गई थी। जहां से उक्त आरोपी को दबोचा गया था मदन महल स्थित संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास निगम जबलपुर में प्रभारी सहायक यंत्री आदित्य सिंह को 5 हजार की रिश्वत लेते दबोचा गया था इस मामले की शिकायत 3 फरवरी को एसपी लोकायुक्त को की गई थी जाहिद खान ने 5 लाख 24 हजार की लागत से सीसी रोड सहित अन्य कार्य किए हुए थे उक्त फाइल अनुमोदन के लिए जबलपुर कार्यालय आई हुई थी जहां पर प्रभारी सहायक यंत्री द्वारा 12 हजार की रिश्वत मांगी गई थी जिस पर 5 हजार की रिश्वत लेते सहायक यंत्री को दबोचा गया था इस पूरे प्रकरण में नगर पालिका नैनपुर में पदस्थ लेखापाल बाबू अरुण यादव एवं उपयंत्री रोजिया डोंगरे का नाम सामने आया था जिस पर संपूर्ण जांच के बाद लोकायुक्त जबलपुर में लेखापाल के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली है f.i.r. की खबर सुबह जैसे ही नैनपुर नगर में फैली नगर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है बता दें कि इसी नियम के तहत लोकायुक्त पुलिस भी ट्रैप या आय से अधिक संपत्ति के मामलों में आरोपी को मौके पर गिरफ्तार करती है तो यह आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी लोकायुक्त पुलिस अगर किसी आरोपी को अगर गिरफ्तार करते हैं तो वह कार्यवाही में धारा 13/1, धारा डीए 13/2, धारा का उल्लेख करेगी यह गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त वजह नहीं होगी वहां लोकायुक्त पुलिस धारा 7 के तहत कार्यवाही कर आरोपी को मौके से जाने देगी इस स्थिति में दित्य विवेचक पहले पूरे मामले की जांच करेगा इसके बाद रिपोर्ट में इन दो धाराओं को बढ़ा कर आरोपी को गिरफ्तार संबंधी नोटिस जारी करेगा इसके बाद आरोपी को कोर्ट पहुंचकर अपनी जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत करना होगा उसमें आरोपी को 24 घंटों के भीतर कोर्ट में पेश करना होगा अवकाश या कोर्ट का समय खत्म होने पर आरोपी को संबंधित क्षेत्र के थाने के लॉकअप में रखा जाएगा। पहले अब तक नियम यह था कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जांच अधिकारी मौके पर ही मुचलके पर रिहा कर देते थे।




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