ऐसे आदेश जारी कर षडयंत्र के तहत शासन के प्रति शिक्षकों को उकसाया जा रहा है-श्रवण डहरवाल - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Thursday, March 18, 2021

ऐसे आदेश जारी कर षडयंत्र के तहत शासन के प्रति शिक्षकों को उकसाया जा रहा है-श्रवण डहरवाल



रेवांचल टाइम्स:- प्रांतीय शिक्षक संघ मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ सिवनी के जिला अध्यक्ष श्री श्रवण डहरवाल द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि श्रीमती जयश्री कियावत  आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने अपने आदेश क्र•/एनसीएफ/16/नं.स./क्रमो/2021/428 दिनांक 08/03/21 से दिनांक 01/07/2018 को या इसके बाद 12 वर्ष सेवाकाल पूर्ण होने पर नवीन शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान को स्थगित कर दिया है। 

इसमें कहा गया है कि शासन के बगैर सक्षम निर्देश के जारी आदेश नियमाकुल नहीं है। 

विचारणीय हैं कि अध्यापक संवर्ग को नवीन शिक्षक संवर्ग में नियुक्ति के लिए एफ 1-14/2019/20-1 भोपाल दिनांक 27/07/2019 व मप्र राजपत्र क्रमांक 426 स्कूल शिक्षा विभाग की अधिसूचना 28/07/2018 नियम जारी कर समूह बीमा योजना 2003 के संशोधित प्रावधान, अवकाश नियम-1977, सिविल सेवा भर्ती आचरण नियम 1965, मप्र सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम-1966, मप्र मूलभूत नियम 45 ए-बी के अंतर्गत एचआर, टीए, स्थानान्तरण यात्रा भत्ता, चिकित्सा परिचर्या नियम-1958 के अनुसार चिकित्सा प्रतिपूर्ति के प्रावधान लागू किये गये। 



निर्देश 3- से पदोन्नति क्रमोन्नति व समयमान वेतनमान के लिए सेवाअवधि मान्य किये गये। 

उपरोक्त सेवा शर्ते वित्त विभाग द्वारा यूओ क्र. 301/19/3240/18/वित्त/नियम/चार दिनांक 14/02/2019 द्वारा सहमति के परिपालन में श्रीमती रश्मि अरूण शमी प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल से जारी किये गये है। 

मेडम कियावत के आदेश से क्रमोन्नति को उलझाया गया है। 

नवीन शिक्षक संवर्ग को तय समय-सीमा के बाद क्रमोन्नति देना ही है। 

तकनीकी खामी के चलते सक्षम अधिकारियों से आदेश व अनुमोदन लिया जाना चाहिए।



प्रशासकीय प्रावधानों की पूर्ति करके दी गई क्रमोन्नति को निरंतर रखा जाना चाहिए न कि स्थगित किया जावे। 

लगभग दो वर्ष बाद आदेशों के निहितार्थ निकालकर शिक्षकों को देय क्रमोन्नति को स्थगित करने से नवीन शिक्षक संवर्ग आक्रोशित व कुपित है। 

क्रमोन्नति वेतनमान शिक्षकों ने अपने आप लागू नहीं कर लिये है। 

शासन-प्रशासन को अपने आदेशों की तकनीकी बारीकियों व खामियों को दूर करना चाहिए। 

पहले ही कोविड-19 के चलते डीए, वेतनवृद्धि व एरियर पर ग्रहण लगा है। 

ऊपर से क्रमोन्नति स्थगित करने से "दुबले को दो आषाढ़" वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। ऐसे आदेशों से षड़यंत्र के तहत शासन के प्रति शिक्षकों को उकसाया जा रहा है, इस पर तत्काल रोक लगना चाहिए।

रेवांचल टाइम्स से मुकेश जायसवाल की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment