अनुसूचित जनजाति बता कर पूरे परिवार द्वारा शासन की योजनाओं का लिया गया जा रहा है लाभ - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Tuesday, March 9, 2021

अनुसूचित जनजाति बता कर पूरे परिवार द्वारा शासन की योजनाओं का लिया गया जा रहा है लाभ






 रेवांचल टाइम्स :- महेश तिड़के पिता बृजलाल तिडके जाति केवट निवासी ग्राम सिंदी कुआ तहसील किरनापुर के द्वारा जाति बदलकर उनके परिवार द्वारा शासकीय कर्मचारी एवं शासन के योजनाओं का लाभ लिया जा रहा है वही भू अभिलेख के अनुसार जाति केवट पाया जा रह है किंतु एस डी एम अनुविभागीय राजस्व के अनुसार जाति प्रमाण पत्र में मांझी पाई जाती है

        ऐसा क्यों जबकि जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए 50 साल की  पूर्वजों की जानकारी देना पड़ता

      बालाघाट जिले के अंतर्गत किरनापुर थाने का अगर मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मांझी जाति को अनुसूचित जनजाति में विलय किया गया है तो महेश कुमार छिड़के के भू अभिलेख दस्तावेज में सुधार क्यों नहीं किया गया



शासन प्रशासन मौन आखिर क्यों



 लांजी तहसील के ग्राम मोहझरी निवासी बसंत कुमार निकुसे ने बताया कि महेश तिड़के पिता बृजलाल तिडके जाति केवट निवासी ग्राम सिंदी कुआ तहसील किरनापुर के द्वारा जाति बदलकर उनके परिवार द्वारा शासकीय कर्मचारी एवं शासन के योजनाओं का लाभ लिया गया है जो असंवैधानिक है


महेश तिडके के द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय 74  75 गोल बाजार शहीद स्मारक गंगोत्री अपार्टमेंट के पांच जबलपुर के द्वारा पेट्रोल पंप के संचालन हेतु  advertised  on 10_10_2014 no_ 452/205.  के लिए आवेदन को एवं ओ आई दिनांक 17 10 2016 को जारी की गई है के द्वारा उक्त डीलर शिप के संबंध में आवेदन के साथ जो भी दस्तावेज प्रस्तुत किया गया वह सभी कूट रचित है उन्हें दस्तावेजों के आधार पर अन आवेदक को एल ओ आई की स्वीकृति प्रदान की गई है इस संबंध में अन्य आवेदक द्वारा कलेक्टर महोदय एवं क्षेत्रीय शाखा को 29 11 2017 एवं 16 एक दो हजार अट्ठारह को अन आवेदक के कूट रचित दस्तावेजों की छाया प्रति दी गई है यह की मूल जाति केवट है जो की पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती है जिसके जाति प्रमाण पत्र निषाद राज केवट समिति ग्राम शिवजी के सदस्य एवं जय अंबे मछुआ समिति ग्राम मोहरा पंजीयन क्रमांक 307 में पिछड़ा वर्ग केवट से भी सदस्य है अन आवेदक के द्वारा माझी जाति का प्रमाण पत्र भी कूट रचित तरीके से बनवा कर उस जाति प्रमाण पत्र से भी लाभ प्राप्त किया जा रहा है जिस के संबंध में तहसीलदार महोदय के द्वारा जांच प्रतिवेदन दिया गए हैं इसी प्रकार अन आवेदक के भाई एवं अन आवेदक के पिता के द्वारा भी दो भिन्न-भिन्न प्रकार के जाति प्रमाण पत्र ( अ ज जा) अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग का भी जाकर दोनों वर्गों का लाभ लिया गया जिस के संबंध में अन आवेदक के भाई अजय तिडके विरुद्ध स्थानी पुलिस थाना खेड़ा पुर तहसील में 420 का प्रकरण भी पंजीबद्ध लंबित है यह की अन आवेदक के बड़े भाई अजयपिता बृजलाल पिता पुशु लाल तिडके की जाति संबंधित जांच में तहसीलदार एवं किरणापुर अनुविभागीय अधिकारी बालाघाट द्वारा भी जांच की गई जांच उपरांत उनकी जाति केवट पाई गई जोकि अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती है कलेक्टर कार्यालय की खाद्य एवं आपूर्ति शाखा के जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा भी जांच की गई जाति के संबंध में इस प्रकरण में रिलिव लेकर आदेश पारित करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बालाघाट के द्वारा भी की गई जिस के संबंध में मेरे द्वारा जानकारी चाही गई थी किंतु बालाघाट को जाति के जाति के संबंध में लिखा गया है मेरे द्वारा इस प्रकरण में की गई जांच के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई थी किंतु लोक सूचना अधिकारी खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग बालाघाट के द्वारा सूचना के अधिकार धारा दो म( च) मैं वर्णित की परिभाषा के सुसंगत स्पष्ट नहीं हो उक्त धारा के अंतर्गत सूचना के अधिकार परिभाषा के अनिरुद्ध वांछित जानकारी स्पष्ट करने के लिए सूचना दी गई 

बसंत कुमार निकुसे द्वारा आगे बताया गया कि अन आवेदक के पिता बृजलाल पिता पुशु तिडके एवं दादा पुशु के पिता सूऊ तिडके के की जाति राजस्व अभिलेख व शैक्षणिक अभिलेख में जाति केवट दर्ज है जोकि अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आती है यह कि आवेदक एवं उसके परिवार के सदस्यों के द्वारा भी उक्त दोनों जाती केवट तथा माझी जाति का लाभ शासकीय एवं अर्ध शासकीय विभाग से प्राप्त किया जा रहा है


जो स्थानीय प्रशासन द्वारा धारा 420 के आरोपी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं किया गया स्थानी प्रशासन से मांग की गई है कि लगे आरोपों की तत्काल जाँच करते हुए ऐसे लोगों के ऊपर जो फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर शासन को आर्थिक छति पहुँचा रहे है जिसकी  जांच करते हुए दंडात्मक कार्रवाई किया जाए।



रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment