रेवांचल टाइम्स - नए कानून बनते ही देश के अन्नदाता को लगा करोड़ों का चूना मास्टर का लड़का निकला मक्का चोर लगाया लगभग 6 करोड़ से अधिक का चूना पूरा मामला जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाला ग्राम फुलारा एवं उसके अंतर्गत आने वाले 25- 30 ग्रामों का है। फुलारा निवासी रघुराज ठाकुर जो कि गुंदरई स्कूल में नौकरी करते हैं जिनके बेटे विक्रम सनोडिया उर्फ विक्की देश के अन्नदाता को नुकसान पहुँचा हो गया चम्पत......
पैसे कमाने का जुनून इंसान को इस हद तक गिरा देता है ।कि इस बात का पता तो तभी चलता है ।जब कोई ऐसा ही मामला सामने आते हैं जब फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद स्पष्ट हो जाती है ।फर्जीवाड़ा करने वाले को कानून का डर नहीं है भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर अपनी बातों के जाल में फसाकर लगाते हैं चुना.....
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत ग्राम फुलारा जो कि सिवनी छिंदवाड़ा के बीच मैं पड़ता है। फुलारा निवासी विक्रम सनोडिया उर्फ विक्की नामक युवक जो कि बी के ट्रेडर्स के नाम से अपनी दुकान चलाता था। इस विक्रम सनोडिया ने अपने नाना जी जो कि पिपरिया बिरसा के रहने वाले हैं। जिनका नाम राजाराम सनोडिया है। अपने नाना के घर में रहकर गल्ला खरीदी करने का काम शुरू किया और अपने समाज के लोगों को अपनी रिश्तेदारी और निकटतम संबंधों का हवाला देकर उपजे मक्का को 13 सौ 14 सो रुपए का लालच देकर चुकारा के लिए 15 से 20 दिन का समय देते हुए खरीदी किया क्योंकि सरकारी रेट 12 सौ के आसपास होने के कारण किसानों को अच्छा रेट मिल रहा है यह सोचकर विक्रम सनोडिया पर भरोसा कर लिया विक्रम ने अपने सामाजिक भरोसे कोआधार बनाते हुए आसपास के लगभग 25 से 30 ग्राम जोकि सनोडिया बाहुल्य गांव है। उन्हें अपना शिकार बना लिया।
किसान है परेशान नहीं लिख रहे रिपोर्ट.........
इस पूरे मामले को लेकर लखनवाडा थाना और बंडोल थाना में किसान अपनी समस्या आपबीती बता रहे हैं तो थाने में केवल आवेदन लिए जा रहे हैं। और ना ही कोई अपराध दर्ज किया जा रहा है। टाल मटोली की जा रही है।
किसानों का कहना है कि.........
जब किसानों से इस संबंध में बात की गई तो संतोष कुमार ठाकुर जो कि मारवोड़ी का किसान है उनके द्वारा बताया गया कि हम मध्यमवर्गीय किसान हैं और मेरा लगभग 4लाख 50 हजार का मक्का मैंने उसको भेजा है। एवं इसी प्रकार से कम ज्यादा करते हुए सैकड़ों किसान हैं जोकि तीन लाख ,चार लाख, पांच लाख, एवं और कम ज्यादा वाले किसान हैं जिन्होंने अपनी फसल इसे बेची है। और यह भी कहना है कि हमारे पास ज्यादा लिखा पढ़ी ना होने के कारण हमें न्याय नहीं दिया जा रहा है।
विनोद दुबे एवं अखिलेश बंदे वार के साथ रेवांचल टाइम्स की एक रिपोर्ट




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