रेवांचल टाईम्स :- इन दिनों जनपद पंचायत नैनपुर की ग्राम पंचायत गोरखपुर में मांखा टोला से लेकर जुनवानी टोला में ठेकेदारों की चहुंओर चाँदी है यहां रहने वाले भोले भाले आदिवासियो को क्या हो रहा है इससे कोई सरोकार नही रहता बल्कि अपनी दिनचर्या में रात-दिन मेहनत मजदूरी करते रहते है। उनका बमुष्किल जीवनयापन करना ही उनकी असल जिंदगी है। लाखों करोड़ों के वारे न्यारे कब हो जाते है ये सिर्फ ठेकेदार और सरपंच सचिव तक ही सीमित है निगरानी करता कोई नही है। सड़क निर्माण में गोलमाल यह अब आम बात हो गई है।
जनपद पंचायत नैनपुर की ग्राम पंचायत गोरखपुर में माखा टोला से लेकर जुनवानी टोला तक मनरेगा के तहत सड़क बनाई जा रही है। जिसमें मुर्रम के स्थान पर काली मिट्टी डलवाई जा रही है। जिससे आने वाले बारिश के महीनों में इस सड़क पर भारी कीचड़ होगा और वाहन चलाना तो दूर आम जन का पैदल चलना ही मुश्किल हो जाएगा। इस गुणवत्ताहीन कार्य में पंचायत सचिव महासिंह मरावी और उपयंत्री उमेश झारिया की लापरवाही स्पष्ट नजर आ रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है की यह अधिकारी/कर्मचारी अपनी मनमानी करते हुए ऐसे घटिया कार्य करा रहे हैं जिससे ग्रामीण जनों की मुश्किलें हल होने की बजाय और बढ़ जाएंगी।
ठेकेदार और सरपंच सचिव लगातार अपनी मनमानी के चलते गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य करते आ रहे हैं। दानेदार मुरुम की मोटी परत की जगह खेत से काली मिट्टी निकालकर उक्त निर्माणाधीन सडक में डाली जा रही है। जिस मिट्टी में अब तक दो फसली खेती की जा रही थी उस मिट्टी का उपयोग सड़क बनाने के लिए आखिर कैसे उपयुक्त समझ लिया गया। बिना किसी डर भय के कार्य किये जा रहे हैं दानेदार मुरुम और दानेदार रेत या पत्थर के चूरे से ग्रेवल का कार्य करना चाहिए साथ ही ऊंचाई का ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए था परंतु ऐसा कुछ भी यहां नही हो रहा है काली मिट्टी लोकल ट्रेक्टरों से मंगवाकर लगातार डाली जा रही है। और ग्राम वासियों को परेशानी में डाला जा रहा है क्योंकि आने वाले समय में बरसात में ग्राम वासियों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।


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