रेवांचल टाईम्स:- निवास नगर के रसलगंज यज्ञ शाला प्रांगण में शुक्रवार से श्रीमद भागवत कथा हुआ शुभारंभ कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुआ बताया गया की प्रथम दिवस कलश यात्रा की शोभा यात्रा बैंड बाजों के साथ निकली गई जिसमें नगर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे वहीं दूसरे दिवस शनिवार को कथा का वाचन कर रहें पंडित आचार्य श्री धुव्र जी महराज गिरवा वाले ने कथा में सुखदेव जी ने जो यह भागवत कथा लिखी है सम्पूर्ण जगत के कल्याण के लिए भागवत कता लिखी है। ओर कहा को वेदों का सार ही भागवत है इसको सुनाने से ज्ञान वैराग्य सब खुल जाते हैं यह भागवत वेद रूपी व्रक्ष से निकली है सात दिनों तक यह कथा सुनने से पूरे कष्ट दूर हो जाते हैं ।ओर कहा की जब तक आप सत्संग से नहीं जुड़ेंगे तो आपको ज्ञान नहीं मिलेगा। जब हमे संतो के दर्शन प्राप्त होता है तो हमें सत्संग मिलता है ओर हमरे हृदय के अंदर आज्ञान रूपी अंधकार जल जाता है ।यानी बिना सत्संग के कुछ नहीं होता है
जब वह परमात्मा आशीर्वाद देता है तभी हमे सत्संग का आनंद प्राप्त होता है। वेद पुराण ये सारे सागर के समान है ओर इसी की संत व्यास महराज वर्षा करते है इसलिए साधु संतो को मेघो की तुलना की गई है ।
बताया गया कि कथा को सुनने के लिए निवास नगर के इलावा आसपास के ग्रामीणों से कथा का समापन 26 फरवरी को हवन विशाल भंडारा के साथ होगा।
रेवांचल टाईम्स निवास से देवेन्द्र चौधरी की रिपोर्ट

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