BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
प्रशासन की सह पर बुढनेर नदी से हो रहा रेत का उत्खनन - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Thursday, February 25, 2021

प्रशासन की सह पर बुढनेर नदी से हो रहा रेत का उत्खनन





 रेवांचल टाइम्स - रेत माफियाओं का अजब गजब कारनामा देखने मिलता रहता है । डंके की चोट पर यह माफिया अपने कारनामे को अंजाम देते रहते हैं  किंतु  स्वयं नजर नहीं आते । इसके लिए वे विश्वासपात्र वर्कर और मोहरा बनाकर रखते हैं जिनके द्वारा यह सब कार्य संचालित होता है ।


एक ऐसा ही मामला ग्राम देवरी दादर के निकट प्रवाहित होने वाली बुढनेर नदी का है , जहां रेत खदान का ठेका डिंडोरी जिले का है परंतु ठेकेदार द्वारा रेत उत्खनन मंडला जिले से हो रहा है ।

 इसी अवैधानिक कारनामे को लेकर देवरीदादर ग्राम के सभी ग्रामीणों ने इसका कई बार विरोध किया है । लेकिन कोई भी प्रभाव नहीं पड़ रहा है । 


इसकी शिकायत ग्राम वासियों ने राजस्व विभाग के आला अधिकारियो तक की है ।मंडला और डिंडोरी जिले की सीमा क्षेत्र के सीमांकन  के लिए भी ग्राम वासियों ने नायब तहसीलदार महोदय राजस्व विभाग को आवेदन / निवेदन किया है ।


लेकिन आज तक सीमांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है बिना कोई चिन्ह अंकन के मनमाने तरीके से दोहन किया जा रहा है ।ग्राम वासियों ने खसरा नंबर 23 के सीमांकन होने तक रेत उत्खनन भी बंद करने की मांग की है । 


ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लगभग 50 डंफर , ट्रैक्टर , ट्रक सहित रात दिन रेत ढोने में लगे हुए हैं । कोकलेन एवं जेसीबी रात दिन से माल निकालने में संलग्न है ।पानी के बाहर से लेकर पानी के अंदर तक कोकलेन द्वारा निकाली जा रही है रेत । जेसीबी के साथ-साथ मजदूरों द्वारा भी रेत की भराई का कार्य हो रहा है ।


 ट्रैक्टर ,डंफर ,ट्रक जैसे माल वाहकों की आवाजाही के लिए बरमसिया पौधों को काट - काट कर नदी में डालकर रास्ता बनाया गया है । जो सड़ - गल कर निर्मल पानी को प्रदूषित कर रहा है । जहां से ग्राम के पशु पानी पीते हैं । इस ग्राम की स्थिति तो यह भी है कि नदी किनारे बसे हुए लगभग 15 20 घर के लोग इसी नदी के पानी से अपनी प्यास बुझाते हैं । भीषण गर्मी के दिनों में इनके लिए पेयजल की व्यवस्था कैसे होगी ?

यह सवाल अनुत्तरित लग रहा है क्या ऐसे ही प्रदूषित पानी को पीना पड़ेगा इन्हें ?


 दिनांक 23 / 2 / 2021 दिवस मंगलवार को राजस्व विभाग से तहसीलदार महोदय निर्मल पटले जी पटवारी हरिराम इनवाती जी ने मौके पर जाकर वस्तु स्थिति का जायजा लिया लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हो सकी है जरा इन तस्वीरों में नजर मारकर  तो देखिए जनाब जिस ओर देखेंगे इस नदी का सीना छलनी करने में कोई कसर नहीं छोड़ा गया है । प्रकृति की अपरिमित   संपदा का दोहन लगातार महान हस्तियों के द्वारा हो रहा है । क्योंकि माइट  इज राइट अर्थात "जिसकी लाठी उसकी भैंस " की पुरानी कहावत हर जगह चरितार्थ होती है । ठेकेदार के.पी. भदौरिया के द्वारा कराए जा रहे कारनामे में माइनिंग विभाग एवं राजस्व की सन्लिप्त प्रणाली उजागर होती है । तभी तो इतनी बड़ी करतूत को कोई कैसे अंजाम दे सकता है । 


इनका कहना है -


1. हो रहे उत्खनन की जांच के लिए हमने माइनिंग विभाग को बता दिया है । उनकी टीम आएगी तभी सीमांकन हो पाएगा सीमांकन के पश्चात  ही हम कुछ कर पाएंगे । सीमांकन पूर्व उत्खनन रोकने हेतु माइनिंग अधिकारी से बात करें ।


               

नायब तहसीलदार मवई -


2. हमें आदेश नहीं मिल पाया है । दो जिले की सीमा में है , जहां उत्खनन हो रहा है । इसीलिए हम लोग कार्य को नहीं रोक पाएंगे । मैं अकेले क्या कर सकता हूं ? तहसीलदार से कहीं और कार्रवाई करवाइए 


 माइनिंग विभाग - बसंत पाटिल


अब यह देखना है कि जिम्मेदारों पर इसका कितना असर होता है 


रेवांचल टाइम्स - मवई से मदन चक्रवर्ती की खास रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment