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Thursday, February 11, 2021

वर्षों पुराने जर्जर स्वास्थ्य उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन के धराशाही होने से स्वास्थ्य सुविधाये पूर्णतः बन्द



रेवांचल टाइम्स --  शासकीय उपस्वाथ्थ केन्द्र भवन नहीं होने से क्षैत्रीय ग्रामीण जन बेहद परेशान है वही मध्यप्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार ग्रामीण वशिन्दो के लिए विकास का पिटारा खोलकर चारों तरफ शासन की बहुआयामी विकासोन्मुखी योजनाओं से इन्हें हर दम लाभान्वित कर रही है किन्तु जब वास्तविकता से हू - बहू कराया जाता है तो अच्छे अच्छे बड़बोले राजनेताओं एवं जनता के अपने कहे जाने वाले जनप्रतिनिधियों के पैरों के नीचे की जमीन खिसक जाती है। ग्रामीण जनता की भारी भीड़ और विशाल जनसमुदाय के समक्ष लछ्छेदार भाषण देना तो सहज है किन्तु यहाँ की वर्षों पुरानी ज्वलंत जन समस्याओं का किसी भी तरह समाधान नहीं करवाना और इसके लिए किसी भी प्रकार से प्रयास ना करना सब निरर्थक साबित  हो जाता है । यहाँ पर एक नहीं ऐसे दर्जनों गाँव है जहाँ पर ग्रामीण अंचलों मैं निवासरत गरीब वशिन्दे आज भी अपनी मूल भूत  आवश्यकताओ से कोसो दूर रहकर जैसे तैसे जीवन यापन कर रहे इनकी संपूर्ण समस्याओं को  दरकिनार कर केवल और केवल अपना बोट बैंक परिपक्व कर हमारे जनप्रतिनिधियों  आज भी अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति मैं मसगूल दिखाई दे रहे हैं । यहाँ पर कहने के लिये पुल पुलिया,  सी सी रोड, प्रधानमंत्री आवास, और कच्चे पक्के थोड़े बहुत निर्माण कार्य पूण॔ कर शासन की तमाम विकासोन्मुखी योजनाओं मैं भारी भ्रष्टाचार और खुला फर्जी वाड़ा बदस्तूर शदियो से अनवृत चालू है । शासन के विभिन्न निर्माण कार्यों मैं खुला भ्रष्टाचार के साथ साथ कमीशन बाजी , फर्जी बिलबाऊचरो का जाखीरा यहाँ पर चारों तरफ आसानी से देखा जा सकता है । मनरेगा मैं लगे गरीब मजदूरों से व्यक्तिगत तौर पर अपने घरों मैं निर्वाचित जनप्रतिनिधि आज बेरोकटोक धड़ल्ले काय॔ करवा रहे हैं और मस्टररोल पंचायत से भरवा रहे हैं वाहरे मनरेगा योजना जो कुछेक  जनप्रतिनिधियों के लिए वरदान साबित हो रही है। यहाँ पर मनरेगा के निर्माण काय॔ के नामों से अपने परिवार सदस्य  एवं दोस्तों,  नाते रिस्तेदारो के  नाम से फर्जी हाजरी ड़ाल कर एक अच्छी कमाई कर शासन एवं प्रशासन के नियम निर्देशों की खुली धज्जिया उठाई जा रही है । मनरेगा के कार्यों मैं लगे मजदूरों को देखने वाला कोई नहीं है । 

        मण्ड़ला- सिवनी सड़क मार्ग और रेल्वे स्टेशन के नजदीक बसा वर्षों से उपेक्षित ग्राम जामगाॅव जनपद पंचायत नैनपुर के वशिन्दे आज भी मुफलिसी और स्वास्थ्य जैसी जरूरत मन्द योजनाओं से कोसो दूर रहकर जीवन यापन करने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं। यहाँ से प्रति दिन शासन के जिम्मेदार शासकीय अधिकारियों,  कर्मचारियों की गाड़ियाँ गुजरती है किन्तु किसी को भी इस गाँव की जन हितैषी  जरूरती आवश्यकता दिखाई नहीं देती है। यहाँ के जागरूक व्यक्ति के द्वारा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को अनेको बार लिखित मैं आवेदन देकर जन माँग की गई है कि ग्राम जामगाॅव मैं शासकीय उपस्वाथ्थ केन्द्र भवन नहीं जिससे क्षैत्रीय जनसमुदाय  एवं स्थानीय वशिन्दो को विगत दस वर्षों से बेहद परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है।  यहाँ पर आये दिनों सड़क दुर्घटना के दौरान लोगों को मृत्यु  और जीवन की बीच से गुजरना पड़ता है क्योंकि इस गाँव जामगाॅव से नैनपुर की दूरी 10 किलोमीटर है और दूसरा जिला मुख्यालय की दूरी 40 किलोमीटर है और बीच मैं ऐसा कोई भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सुविधा युक्त साधन नहीं है । ग्राम पंचायत जामगाॅव के आस पास तकरीबन 25 -30 ग्राम पंचायते बसी है जिनका प्रति दिन यहाँ पर आना जाना होता है । रेल्वे स्टेशन  एवं बस स्टैंड होने के कारण सभी ग्रामीणों को आवागमन की सुविधाऐ यही से प्राप्त होती है । यहाँ पर वर्षों पूर्व से शासकीय  उपस्वाथ्थ केन्द्र संचालित था किन्तु विगत दस वर्षों पूर्व शासन के द्वारा यहाँ पर नया स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य की स्वीकृति प्रदान कर ग्राम पंचायत के खाते मैं शासकीय आवंटन प्रदान कर स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी किन्तु विगत 10 वर्षों मैं यहाँ पर कोई भी निर्माण कार्य स्वास्थ्य केन्द्र भवन के लिए नहीं किया गया बल्कि  उल्टे फर्जी बिलबाऊचरो के माध्यम से यहाँ के तत्कालीन सचिव  और सरपंच के द्वारा भारी फर्जी वाड़ा करते हुए 92000/ रूपये का आहरण कर शासन के नियम निर्देशों की खुली धज्जिया उठाई गई थी जिसकी प्रमाणित  एक लिखित सिकायत जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश सरकार के जिम्मेदार शासकीय तंत्र को किया गया था । जो जाँच पड़ताल के बाद पूरे मामले को ले देकर रफा दफा कर दिया गया है । आज ग्राम जामगाॅव मैं शासकीय उपस्वाथ्थ केन्द्र भवन नहीं होने से यहाँ पर स्वास्थ्य सुविधा पूर्णतः बन्द हो गई है । जिससे  ग्राम वासियो के साथ ही क्षैत्रीय ग्रामीण जनसमुदाय एवं व्यापारियों,  छात्र छात्राओं , किसान,  मजदूरों को साधारण से साधारण  और गम्भीर बीमारियों के इलाज के लिए 40 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय स्थित शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है । 

विगत काफी दिनों से जामगाॅव मैं जिला प्रशासन से शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य पूण॔ कर ग्रामीणों को शासन की मन्सानुसार स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ देने की जन माँग की जा रही है किन्तु आज भी वर्षों से उपेक्षित ग्राम जामगाॅव वासियो की मूल भूत जनसमस्याओ पर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का समुचित ध्यान आकर्षित नहीं होने से यहाँ पर व्यापक  आक्रोश दिखाई दे रहा । गत दिनों स्थानीय युवाओं के द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं संबंधित विभाग के मंत्री को लिखित मैं ज्ञापन प्रेषित कर यहाँ की वर्षों पुरानी ज्वलंत स्वास्थ्य समस्या  का अविल्बम समाधान करने की माँग किये है और प्रेषित आवेदन मैं स्पष्ट उल्लेख किया गया है  अगर समय शीमा के अन्दर जामगाॅव की मूल भूत स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर समुचित  ध्यान आकर्षित नहीं किया गया तो मुख्य सड़क मार्ग सब स्टेन्ड़ जामगाॅव मैं चक्काजाम किया जायेगा । 

बहरहाल जिला कलेक्टर मण्ड़ला से जन माँग की गई है कि जामगाॅव क्षैत्र वासियो को जल्द से जल्द शासन की मन्सानुसार स्वास्थ्य सुविधाओं का स्थानीय स्तर पर समुचित लाभ दिलवाया जाये।

1 comment:

  1. जाम गांव मे स्वस्थ केंद्र बन भी जाये, हर गांव मे भी बन जाये तो इतने डॉ. कहाँ से आएंगे ??
    भारत की 80% जनता की स्वस्थ व्यवस्था तो झोलाछाप डॉ के भरोसे है. ये न होते तो क्या होता??
    देश मे क्वालिफाइड डॉ इतने नहीं है, की सभी अस्वस्थ को वो देख सके.

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