रेवांचल टाईम्स :- गणतंत्र तिरंगा यात्रा की तय की गई जिम्मेदारी कृषि बिल के विरोध व न्यूनतम समर्थन मूल्य गेरेण्टी कानून की माँग पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे आंदोलन कारियों ने आज सुभाष चंद बोस की जयंती बड़े ही धूम धाम के साथ मनाई और किसानों के तीन काले कानून की वापसी व न्यूनतम समर्थन मूल्य की गेरेंटी कानून बनाये जाने की माँग पूरी नही होने तक पूरी ताकत से डटे रहने का संकल्प लिया वही धरना स्थल में ही 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन की तैयारियों से सम्बंधित बैठक सम्पन्न हुई।
उक्त जानकारी आंदोलनरत किसानों की ओर से अधिकृत मीडिया प्रभारी राजेश पटेल ने जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में दी है आज की बैठक एम. आर.खान की अध्यक्षता में हुई जिसमें प्रमुख रूप से अनिशिचत कालीन धरना के चुने गये मुखिया रघुवीर सिंह सनोडिया सहित सभी माँगो के समर्थन में उपस्थित किसान साथी महेंद्र सनोडिया,राजेश सोलंकी, अधिवक्ता अहमद सईद कुरैशी, किसान नेता हुक़ूम चन्द सनोडिया, किरण प्रकाश,रजनी गोखले,ईश्वर सिंह राजपूत,रंजीत बघेल एस. के.देशभरतार, विनोद यादव, गौरव जयसवाल,शिवम सिंह बघेल व अन्य आधा सैकड़ा के बराबर साथी उपस्थित रहे।
26 जनवरी गणतंत्र तिरंगा यात्रा के लिए राजेश सोलंकी को लुघरवाड़ा के कृष्णा लान में आने वाले किसानों की भोजन व्यवस्था, राजेश पटेल को मीडिया के साथ ही यात्रा के लिए झंडे स्लोगन व ट्रैक्टर में लगने वाले स्टीकर,बैनर की जिम्मेदारी,26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर धरना स्थल में झंडा वंदन की जिम्मेदारी डी डी वासनिक राजेश पटेल रघुवीर सनोडिया को दी गयी है वही क्षेत्रवार आने वाले कइयों साथियों को ट्रैक्टरों की कमांडिंग की जिम्मेदारी सौपी गई है।
आज धरना स्थल में 2बजे बैठक यात्रा का फ़ायनल रुट तय होगा
26 जनवरी को निकलने वाली गणतंत्र यात्रा के रूट के लिए एक बैठक सभी सदस्यों के सुझाव के साथ आज 2 बजे धरना स्थल में पुनः रखी गई है।ताकि पुलिस व जिला प्रशासन से मिले सुझाव पर चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जा सकें ।
आंदोलनरत साथियों ने यात्रा में शामिल सभी किसान भाइयों से अपील की है कि यात्रा में किसी भी प्रकार के नशा ना करे वही एक ट्रेक्टर में ड्रायवर के साथ अधिकतम 2 साथी अनिवार्य रूप से रहे तीनों किसान बिल सरकार जब तक वापस नही लेगी किसानों के राष्ट्रीय आह्वान के तय दिशा निर्देशों पर लड़ाई निरन्तर चालू रहेगी गणतंत्र तिरंगा यात्रा के बाद आंदोलन के साथीयों का एक ग्रुप गाँव गाँव घर घर जाकर बिल की खामियां जनता को छोटी बड़ी सभाएं कर बताएंगे।


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