BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
मंत्री कावरे ने ली राईस मिलर्स की बैठक कस्टम मिलिंग अनुबंध के लिए राईस मिलर्स ने दी सहमति - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Tuesday, January 12, 2021

मंत्री कावरे ने ली राईस मिलर्स की बैठक कस्टम मिलिंग अनुबंध के लिए राईस मिलर्स ने दी सहमति


रेवांचल टाइम्स :-  मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन विभाग  रामकिशोर नानो कावरे ने आज 11 जनवरी को जिले के राईस मिलर्स के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि राईस मिलर्स की समस्याओं का निराकरण कराने में वे अपनी ओर से हर संभव मदद करेंगें। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत प्रधान  रेखा बिसेन, कलेक्टर दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक  अभिषेक तिवारी, अपर कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री राजेन्द्र यादव, जिला विपणन अधिकारी श्री देवेन्द्र यादव एवं राईस मिलर्स एसोसियेशन के पदाधिकारी व राईस मिलर्स उपस्थित थे।  




     बैठक में मिलर्स ने बताया कि शासन की नीति के अनुसार कस्टम मिलिंग में उन्हें प्रति क्विंटल धान पर 67 किलोग्राम चावल देना है, जिसमें ब्रोकन का प्रतिशत 25 प्रतिशत रखा गया है। मिलर्स की मांग है कि ब्रोकन चावल का प्रतिशत 25 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जाये। मिलर्स को नागरिक आपूर्ति निगम एवं भारतीय खाद्य निगम को पहले 4:1 में चावल देना होता था, अब इस अनुपात को 3:2 कर दिया गया है। अत: एफसीआई को चावल देने की बाध्यता हटायी जाये। मिलर्स को कस्टम मिलिंग में प्रति क्विंटल 35 रुपये की राशि मिल रही है। जबकि कस्टम मिलिंग में प्रति क्विंटल व्यय 100 रुपये के लगभग आता है। अत: प्रोत्साहन राशि को बढ़ाने की जरूरत है। मिलर्स ने कहा कि उन्हें पूर्व वर्षों का भुगतान नहीं मिला है।


     मंत्री  कावरे ने बैठक में राईस मिलर्स से कहा कि धान की कस्टम मिलिंग के लिए वे अनुबंध करें और सरकार के साथ काम करें। उन्हें कस्टम मिलिंग में जो कुछ भी समस्या आ रही है, उसके निराकरण के लिए वे स्वयं हर संभव मदद करेंगें। जो समस्या जिला स्तर पर हल हो सकती है, उसका जिला स्तर पर ही निदान निकाला जायेगा। जो समस्या प्रदेश स्तर की है तो उसके लिए प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री जी से चर्चा कर हल निकाला जायेगा। मिलर्स की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जायेगा। मिलर्स बिना किसी संकोच के कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंध करें।


     बैठक में चर्चा के बाद राईस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग कराने के लिए सहमति प्रदान की और मां एग्रो राईस मिल लांजी, मां दुर्गा राईस मिल गर्रा, चावल राईस मिल गर्रा, कुमार राईस मिल नैतरा, राजवानी राईस मिल कटंगझरी एवं शांति राईस मिल नेवरगांव के संचालकों ने आज 11 जनवरी को ही कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंध कराने की सहमति प्रदान की।


रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज बनाफरे की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment