रेवांचल टाइम्स - आदिवासी समाज के नागरिक दीपक मरावी कोरोना की ट्रायल वैक्सीन लगने से हुई मौत की जवाबदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने व मृतक के परिजनों को शासकीय नौकरी सहित आर्थिक सहायता दिलाने का विषय
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खुराना की चाइल्ड वैक्सिंग का परीक्षण आम नागरिकों के ऊपर किया जा रहा है लेकिन वैक्सिंग के संबंध में नागरिकों को जानकारी दिए बिना उन्हें ट्राई वैक्सिंग लगाना एक प्रकार का गंभीर अपराध है और उससेभी ज्यादा गंभीर अपराध है पीड़ित द्वारा वैक्सीन के साइड इफेक्ट की शिकायत करने के बाद उसका उपचार न करवाना और उससे मरने के लिए छोड़ देना आप प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और प्रदेश के प्रथम नागरिक भी हैं ऐसे में कोई ना कि ट्रायल वैक्सीन का सबसे पहला परीक्षण आपको नैतिक रूप से अपने ऊपर करवाना चाहिए था तब आप नागरिकों को इंसान ना समझते हुए उन्हें गिनी पिग समझ कर सीधा परीक्षण उनके ऊपर ही करवा दिया जिसका परिणाम यह हुआ कि भोपाल निवासी आदिवासी समाज के नागरिक दीपक महाराज की मौत हो गई आदिवासी समाज के प्रति आपकी पूजा और नकारात्मक किसी से छुपी नहीं है लेकिन उस गाना का बदला आप इस तरह से लेंगे इसकी उम्मीद नहीं थी
भोपाल निवासी आदिवासी समाज के नागरिक दीपक महाराज जी को बीते दिन बिना जानकारी दिए मुरैना की ट्रायल वैक्सिंग लगा दी गई इसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई पीड़ित ने इसकी शिकायत भी की लेकिन आपकी सरकार ने ध्यान नहीं दिया और उसे यूं ही मरने के लिए छोड़ दिया इससे बड़ी आम आदमी हो वह प्रतिशोध की भावनाकोई और नहीं हो सकती आप प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रदेश के हर नागरिक की जवाबदारी आपके ऊपर है ऐसे में यदि किसी नागरिक की मौत इस तरह से परीक्षण से होती है तो उसकी पूरी जवाबदारी आपकी होनी चाहिए और नैतिकता के आधार पर आपको अपने पद से इस्तीफा भी देना चाहिए आप वर्तमान में प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं इसलिए मृतक दीपक मरावी के परिवार के भरण-पोषण से लेकर उनके भविष्य की संपूर्ण जवाबदारी आपकी होना चाहिए इसलिए नैतिकता के आधार पर आप अपने इस्तीफे की मांग के साथ हम आपसे मांग करते हैं कि पूरे ना कि ट्रायल वैक्सिंग लगने से तक हुए दीपक मरावी के परिजनों में आर्थिक मुआवजा देने के साथ उसके परिवार जनों को शासकीय नौकरी प्रदान की जाए ताकि उनकी पत्नी व बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।


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