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Friday, January 22, 2021

जुए,सट्टे का कारोबार जोरों पर जिम्मेदार अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौन




रेवांचल टाईम्स :- इन दिनो नगर में सट्टे के कारोबार का संचालन बहुत जोरो पर है। सूत्रों की माने तो स्थानीय नेता एवं स्थानीय लोगों की मदद से जुएं एवं सट्टे का कारोबार चल रहा है। नैनपुर में लंबे समय से यह कारोबार का संचालन हो रहा है लेकिन यहां तक वर्दी धारियों की पहुंच नहीं हो पा रही है और यही कारण है कि स्थानीय लोगों की मदद से सट्टे का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है।


युवाओं पर असर

        सट्टा जैसे संगीन अपराध को स्थानीय लोगों द्वारा भरे समाज में खिलवाया जा रहा है। इससे युवा वर्ग के लोगों पर ज्यादा असर दिखाई पड़ रहा है। जहां युवा वर्ग के लोग सट्टा एवं जुआ जैसे संगीन अपराध में संलिप्त हो रहे हैं, लेकिन इस अपराध को रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।

नगर के हर गली मोहल्ले और बाजार में खुलेआम सट्टे का कारोबार चल निकला है। कभी कभार पुलिस दो-चार छोटे एजेंटों को पकड कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है। जबकि हकीकत यह है कि सटोरियों के कारनामों को जानने के बाद भी पुलिस के स्थानीय और आला अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, यही वजह है कि यह कारोबार नैनपुर एवं आसपास के क्षेत्र में फल फूल रहा है।

       नैनपुर में सट्टा खाईवालों की संख्या अधिक बढ़ गयी है। सूत्र बताते है पूरे नगर को सट्टे ने अपनी चपेट में ले लिया है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग अब खुलेआम सट्टा खेल रहे हैं और उनमें पुलिस का भी कोई डर नहीं नजर आता। वहीं पुलिस भी इस पूरे मामले पर अपनी आंखें मूंदे हुए हैं। नगर की तंग गलियों में काफी लोग सट्टे के धंधे में लगे हुए हैं। वहीं हालात देखकर लगता है कि इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं पुलिस की भी मिलीभगत है। कुछ समय पहले नगर में सोनी जी जैसे थाना प्रभारी आए थे जिनके रहते हैं नगर में सट्टे एवं शराब का व्यापार करने वाले अवैध व्यापारियों पर दबदबा बन गया था लेकिन उनके जाते ही नगर में पुनः कारोबार धड़ल्ले से प्रारंभ हो गया है।


गिरोह के हौसले बुलंद

       जानकारों की मानें तो सट्टा व्यापार के लालच में फंसकर कई लोग अपनी किस्मत आजमाते है। बाद में इसमें फंसकर अपना सबकुछ भी गवां बैठते है। पुलिस इस अवैध कारोबार में लिप्त लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, कार्यवाही न होने की वजह से इस गोरखधंधे पर पूरी तरह अंकुश नही लग पा रहा है और अवैध कारोबार में लिप्त गिरोह के लोगो के हौंसले बुलंद हैं। शहर में यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक लोग फोन पर अपना नंबर बताते लिखवाते हैं और नंबर आने पर इन्हीं सट्टा खाईवाल एजेंटों के माध्यम से पैसे का लेन-देन किया जाता है।

       इस कारोबार का जाल पूरे शहर में फैल चुका है। ऐसा नहीं है कि पुलिस सट्टे, जुएं के इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगा सकती। कुछ पुलिस अधिकारी ऐसे भी आएं जिन्होंने सट्टे के कारोबार को पूरी तरह बंद करा दिया था। 

          अब पुलिस अधिकारियों की शह और नेताओं की सहमति से शहर में यह कारोबार फिर से फलने फूलने लगा है। सट्टा का यह कारोबार पुलिस की नाक के नीचे और विभाग की जानकारी में ही फल-फूल रहा है। अब देखना यह है कि इस कारोबार पर फिर पूर्णतः अंकुश लग पाता है या नहीं। या फिर छोटे एजेंटों को पकड कर बड़े खाईवालों को बचाने का प्रयास किया जाता है। वही इस मामले में पुलिस के अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते आ रहे है।

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