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Friday, January 15, 2021

भ्रष्टाचारी पंचायतों के खिलाफ लिखित शिकायत होने के बाद भी नहीं की जा रही जांच




 रेवांचल टाइम्स- आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी के अंतर्गत आने वाली  प्रायः सभी विकास खण्डों में भ्रष्टाचार चरम सीमा में पहुँच चुका है और एक तरफ़ जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी जनप्रतिनिधि उनमे पर्दा डाल रहे है और गरीब और गरीब हो रहे है भृष्ट दिन व दिन दिन दुगनी रात चौगनी तरक़्क़ी कर रहे है पर इन्हें को रोकने वाला ही नही है वही अधिकतर ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायकों एवं जनपद में बैठे आला अधिकारियों द्वारा सरकार की योजनाओं का लाभ लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देखा जाए तो अधिकतर पंचायत कर्मी अपने सगे संबधी को ही लाभ पहुँचाते हुए भ्रष्टाचार करने में लिप्त हैं। जिनकी शिकायत ग्राम वासियों द्वारा लगातार अनेकों बार जनपद सीईओ से लेकर जिला पंचायत सीईओ, जिला अध्यक्ष कलेक्टर तक अनेकों बार कि पर नतीजा सिफ़र रहा। और जाँच न होने पर भृष्ट लोगो के हौसले और बुलंद होते जा रहे है और भ्रष्टाचारियों पर किसी भी प्रकार कार्यवाही नहीं होने से ग्राम वासियों में अब निराशा होने लगी है वही अब भ्रष्टाचार और भृष्ट को बढ़ावा देने को लेकर गली गली चर्चा का विषय बनकर रह जाता है।बल्कि यूं कहें कि उन मामलों को अधिकारियों द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इसी तरह विकास खण्ड मेंहदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत कन्हारी एवं जरहानैझर पंचायत कर्मियों की भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद भी आज तक कोई कार्यवाही न होना ये ...

     इन ग्राम पंचायतों सन् 2015 से सन् 2018 में बनाए गए ग्रेवल रोडों में सचिव, सरपंच एवं जनपद में बैठे आला अधिकारियों द्वारा सभी की तालमेल से बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार किया जाता है। पंचायत कर्मियों की मानदेय कितनी होती है, जो कि बड़े-बड़े विल्डिंग एवं ट्रू व्हीलर से लेकर फोर व्हीलर तक खरीदने में सक्षम है। वहीं दूसरी ओर मजदूरों की मजदूरी भी नहीं दी जाती, वही जो लोग मजूरी किये है उन्हें आज तक मजदूर नही मिल पाई है और न ही सही ढंग से अपने परिवार का एवं अपना गुजर-बसर नहीं कर पाते, यहां जांच करने का विषय खड़ा होता है। ग्राम वासियों के शिकायत पर हमारे रेवांचल टाइम्स के संवाददाता ने कन्हारी एवं जरहानैझर पंचायत से सूचना अधिकार के माध्यम से कार्यों की दस्तावेज लिये गए। प्राप्त दस्तावेजों के हिसाब से विधिवत ग्रामीणों से पूछ-ताछ करने पर पाया गया, कि ग्रेवल रोडों की कार्यों मजदूरी भुगतान एवं ठेकेदारों की गाड़ियों की फर्जी बिल भुगतान के बाद भी कन्हारी पंचायत में करीब दस लाख रुपयों की एवं जरहानैझर पंचायत में करीब बीसों लाख रुपयों का ग्रेवल रोडों में हेरा-फेरी करने का अंदाजा लगाया गया है। जिस पर कन्हारी एवं जरहानैझर के ग्रामीणों की सहयोग से हमारे संवाददाता ने दोनों पंचायतों की शिकायत जांच करवाने हेतु जनपद पंचायत मेंहनदवानी सीईओ को दिया है। जिसकी जांच नहीं की जा रही है। संवाददाता के द्वारा जांच के संबंध में पूछे जाने पर सीईओ गणेश पांडेय ने बताया कि मामला पुराना है इसके संबंध में कुछ नहीं कहा जा सकता। वहीं पंचायत इंस्पेक्टर द्वारा कहा गया कि हमारे पास तक मामला की आवेदन नहीं पहुंचा है, आवेदन पहुंचने पर जांच सुनिश्चित की जावेगी जबकि शिकायत किए हुए का आज 24 वां दिन बीत रहा है। ऐसी स्थिति में यह समझ में आता है कि जनपद के अधिकारी गढ़ भ्रष्टाचार कर्मियों की सहयोग करते हुए आवेदन को छिपाने के चक्कर में हैं।

आखिर जांच क्यों नहीं की जा रही -- डिण्डौरी जिले के हर विकास खण्डों की ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचारियों की ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने के बाद भी जनपद से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत दी जाती है पर कार्यवाही करने में देर क्यों लगाई जाती है। ये शोचनीय विषय है।

जनपद पंचायत मेंहनदवानी सीईओ से शिकायत कर्ताओं ने करवद्ध प्रार्थना की है कि शिकायत की जांच जल्द से जल्द कर कार्यवाही शुनिस्चित करें। जांच न होने की स्थिति में 26 जनवरी के बाद थाना मेंहदवानी से जांच करवाने की सहयोग लेने हेतु शिकायत दर्ज करवाई जावेगी। 

रेवांचल टाइम्स मेंहदवानी से शिवरतन कछवाहा की रिपोर्ट।

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