रेवांचल टाईम्स :- शिवराज चौहान के माफियो को 10 फिट नीचे गाड़ने की खबर के बाद क्षेत्र तहलका वही आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के विकास खंड बीजाडांडी में निवास विधानसभा के विधायक डॉ० अशोक मर्सकोले ने अबैध कार्य करने वाले व अबैध कार्यो को सनरक्षण देने वालो के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ रखा था जिसके चलते विधायक मर्सकोले की चारो तरफ वाह वाही हो रही हैं बीते दिनों भी विधायक ने जिला मुख्यालय में शराब माफियाओं के अड्डे व आहता पर छापा मार कार्यवाही करतें नजर आये थे लेकिन उसके बावजूद शासन प्रशासन कुंभकर्णी नीद सोता नजर आ रहा है, जिसकी बानगी आप निवास विधानसभा के बीजाडांडी ब्लॉक मुख्यालय सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में देख सक्ते हैं विशेष रूप से कालपी में यहाँ पर काफी लंबे समय से जुआ, सट्टा व शराब का अबैध कारोबार बेखौफ संचालित हो रहा है साथ ही विकासखण्ड के करीब आधा सैकड़ा गांवो में जुआ सट्टा व शराब की अबैध दुकानें संचालित हैं जिसके चलते क्षेत्र की कानून व्यवस्था दिन वा दिन बिगड़ती नजर आरही है ब्लॉक मुख्यालय के अलावा कालपी, पौड़ी, पिपरिया, मानिकसराय, उदयपुर, मगरधा, खुटापड़ाव व घोटा ग्राम में सट्टा जुआ एवं अबैध शराब की दुकानें संचालित हैं वही कालपी ग्राम में तो सट्टा व शराब माफिया किराना दुकान की आड़ में अबैध सट्टे व शराब का कारोबार संचालित करते है तथा पिपरिया, उदयपुर, बीजाडांडी, पौड़ी,कालपी मानिकसराय, खुटापड़ाव में सट्टा माफिया ने अपने गुर्गे बिठा रखें जिनको बकायदा हर महीने तनख्वा दी जाती हैं बतादें क्षेत्र में जुआ, सट्टे और शराब की वजह से क्षेत्र के घर परिवार बर्बाद हो रहें दो वक्त की रोटी कमाने वाले मजूदर दिन भर मजदूरी करतें है और शाम होते ही सारी मजदूरी जुआ सट्टे में हार जातें जिसके चलते आये दिन उनके घर लड़ाई झगडा मारपीट घटना दुर्घटना होती है, इतना ही नही ये जुआ, सट्टा और शराब माफिया इतने शातिर और चालाक हैं कि इन लोगो ने स्कूली बच्चो को लालच देकर अपना ग्राहक बना रखा हैं जिसके चलते बच्चो का बचपन बर्बाद हो रहा हैं लेकिन उसके बाउजूद स्थानीय पुलिस अमला धृष्टराष्ट्र की भूमिका निभा रहा हैं ओर इसकी वजह है महीना और हप्ता बंदी जो कि पुलिस के पास टाइम से पहुच जाती है।
जहरीली शराब का जिम्मेदार कौन
अगर क्षेत्र में जहरीली शराब बिक रही है तो जिम्मेदार कौन माना जायेगा क्या पीने वाला या बेचने वाला या फिर शराब की विक्री की अनुमति देने वाला क्या निम्लिखित क्षेत्रो में ठेका है सवाल खड़ा होता है।
सट्टा का कारोबार की अनुमति
बताने में बड़ी शर्म आती है कि ऐसा माहौल पैदा हो चुका है कि सब लगाओ सब पाओ डूब गया पैसा तो खड़े खड़े पछताओ पर वही जिम्मेदार लोग केवल हप्ता महीना में मिलने वाली मार्जिन मनी के सामने कुछ भी नजर नही आता क्योंकि सबका अपना अपना हिस्सा है।

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