रेवांचल टाईम्स - कोविड -19 महामारी के दौरान, कामत इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी (KIP) और वेल्स विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उन्नत अध्ययन संस्थान (VISTAS) ने 13.12.20 से 20.12.20 के दौरान ऑनलाइन मोड में एक सप्ताह का अंतर्राष्ट्रीय फिजियोथेरेपी सम्मेलन आयोजित किया है।
जिसमें इंग्लैंड, जापान, अमेरिका, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया आदि के वक्ताओं ने अपनी बातें रखीं। राष्ट्रीय ख्याति के विभिन्न वक्ताओं ने भी अपना व्याख्यान दिया। उनमें से, इंदौर शहर की बेटी, डॉ• सुरभि भदौरिया (फिजियोथेरेपिस्ट) पुत्री स्वर्गीय श्री जितेंद्र सिंह भदौरिआ (डीएसपी इंदोर) को 16.12.20 को एक विशेष वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था, उनके वर्ल्ड काॅनफेडरेशन ऑफ फिजियोथेरेपी (WCPT) में योगदान के कारण उन्हे इस व्याख्यान के लिए चयनित किया गया। । वह 2016 से WCPT की संगोष्ठी के लिए एब्सट्रेक्ट रिव्यूअर के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने "इंटरनेशनल कम्युनिटी के साथ अपने पेशेवर बैटरियों को रिचार्ज करने के तरीके" पर अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने वैश्विक कार्यक्रमों में भागीदारी के महत्व और विश्व स्तर पर होने वाले सम्मेलनों के लिए वैज्ञानिक सार लिखने के बारे में बताया। । डॉ• भदौरिया ने अपनी बी.पी.टी. श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, इंदौर से की है। एक अन्य वक्ता, नाइजीरिया विश्वविद्यालय से डॉ• चिडीबेले ओजुकु और अमेरिका के पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय से डॉ• ओरनालिन भी दिन के लिए प्रमुख वक्ता थे।
डॉ• शीला रामचंद्रन (संस्थापक KIP); डॉ• सेंथिल सेलवन (HOD), डॉ• हेपजीबा, डॉ• मंजुला और डॉ• ज्योति शेषन (VISTAS से सभी) इस सम्मेलन के आयोजक थे।

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