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Saturday, December 5, 2020

कड़क नोटो के सामने है सभी नियम शिथिल नगर पालिका क्षेत्र में धड़ल्ले हो रहे है तलघर का निर्माण




रेवांचल टाईम्स - अब आप अपने साथ कडक नोट रखे और और सभी नियमों की ताक में रखते हुये हर वो काम कर सकते है जो नियम विरुद्ध की श्रेणी में आते है 

     इसी तर्ज में मंडला नगर पालिक चल रही है मंडला जिले को तीन ओर से माँ नर्मदा से घिरा हुआ है जिससे भूखलन होने की दृष्टि से तलघर निर्माण की अनुमति प्रदान नही की जाती है पर नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारियों पर कड़क नोटो की पट्टी बंधी है जो कि जानकारी होने के बाद भी और बिना अनुमति लिए धड़ल्ले से तलघरों का निर्माण कार्य चल रहे और चल रहे निर्माण कार्य सभी नियम दरकिनार, नगर पलिका का नहीं ध्यान नगरीय निकाय क्षेत्र में तलघर एवं तीन मंजिला मकानों का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। इसके चलते नगरीय क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक जगहों पर अवैध तलघर व मकानों का निर्माण हो चुका और अभी भी जारी है। 10 फीट तक गहरे तलघरों का निर्माण अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे निर्माण करने वालों पर नगरीय प्रशासन की नजर नहीं है। शिकायत के बाद भी अफसर ध्यान नहीं दे रहे है या कहे कि जानबूझ कर ध्यान नही दिया जा रहा है।  



        बताया गया है कि शासन की ओर से तलघरों के निर्माण पर रोक लगाई गई है, सिर्फ पार्किंग व्यवस्था के लिए ही तलघरों की परमिशन दी जाती है लेकिन नगर पालिका की लापरवाही और उदासीनता का नतीजा है कि पार्किंग का बताकर लोग व्यवसायिक उपयोग के लिए तलघरों का निर्माण करा रहे हैं। बाजार सहित रिहायशी इलाकों में तलघरों का निर्माण कर उनका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्र में कई तलघर बन चुके हैं। कई जगहों पर वर्तमान में भी तलघरों का निर्माण जारी है। खास बात यह है कि तलघरों के निर्माण के लिए नगर पालिका से लोग परमिशन तक लेना जरूरी नहीं समझते हैं और नगरीय निकाय भी ऐसे निर्माण कार्यो पर ध्यान दे रही है। स्थिति यह है कि  मुख्य मार्ग पर धड़ल्ले से तलघर का निर्माण आंखो के सामने हो रहा है।  निर्माण की अनुमति नगरीय प्रशासन से नहीं ली गई है। अवैध रूप से निर्माण कराए गए यह तलघर लोग अपने फायदे के लिए बनाते हैं और इनका व्यवसायिक उपयोग कर रहे हैं। इससे नगर पालिका को राजस्व की हानि भी हो रही नगर में धड़ल्ले से दो से तीन मंजिला तक मकान के साथ तलघरों का निर्माण किया जा रहा है।  ऐसे निर्माण की अनुमति लेने पर ढाई से तीन हजार रुपए की रसीद काटी जाती है। इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन व नगरीय प्रशासन को होने के बावजूद भी कार्रवाई को लेकर अनदेखी की जा रही है।



 टीएनसीपी से मिलती है अनुमति

नगर में कहीं भी तलघर निर्माण नहीं किया जा सकता। नगर पालिका के साथ साथ इसके लिए टीएनसीपी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से भी अनुमति लेना जरूरी हो गया है। नगर में बन रहे और बन चुके एक भी तलघर के लिए परमिशन नहीं ली गई है। खास बात यह है कि इन तलघरों को या तो प्रभावशाली लोग बना रहे हैं या फिर बनाने वालों को कही न कही से संरक्षण प्राप्त है। ऐसे में शिकायत होने के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते और शिकायतें फ़ाइल की शोभा बढ़ाती है।

                  हो सकते है हादसा तलघरों का निर्माण होने के बाद एरिया कवर्ड कर दिया जाता है। ऐसे इन तलघरो में हवा तक पर्याप्त नहीं पहुंचती है। आगजनी होने पर भगदड़ की स्थित बनती है इसके साथ भूंकप आने पर पूरे भवन की नींव तक हिल जाती है। जो जान माल दोनो के लिए खतरनाक बन जाती है। आग लग जाने पर कई रिहायसी इलाको में बने तलघरो में फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच पाती है। इस कारण कभी भी दुर्घटना हो संभवना बनी रहती है।

        नगरीय क्षेत्र में फैल चुके तलघर

नगरीय क्षेत्र मंडला तीन ओर से नर्मदा नदी से घिरा हुआ है। यहां कुछ ही फिट में पानी निकल जाता है। इसके बाद भी लोग तलघर का निर्माण कर रहे है। तीन साल पहले पुलिस पेट्रोल पंप के सामने आवास में तलघर का निर्माण कराया गया था जहां एक से डेढ़ फिट तक पानी भर गया था। बारिश के दिनो में तलघर तालाब बन गया। इस तल घर को भी पार्किग के उद्वेश्य से बनाया गया था बाद भू स्वामी ने तीन फिट ऊंचाई देकर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित की है। इसी से ठीक सौ मीटर दूर फिर तलघर कानिर्माण नियमो को ताक पर किया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारी हाथ में हाथ रखें बैठे हुए।

            इनका कहना है

  

         पिछले एक साल से किसी को भी तलघर निर्माण की परमिशन नहीं दी गई। नगरीय निकाय से पहले टीएनसीपी से अनुमति लेनी होती है,अगर ऐसा कही निर्माण कार्य शुरू किया गया है मौके निरीक्षण कर नोटिस जारी किया जाएगा।

                  प्रदीप झारिया,सीएमओ

                     नगर पालिका मंडला

 

       अभी हाल में किसी भी भू मलिक ने तलघर निर्माण के लिए आवेदन नहीं किया है। इस संबध को कोई जानकारी नहीं है कि थाने के सामने कोई निर्माण शुरू किया गया। मास्टर प्लान के बाद ही इसकी अनुमति दी जाती है।

       विनोद परस्ते, सहायक संचालक,ग्राम एवं नगर निवेश मंडला

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