BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
कृषि विधेयक किसानों के रक्षा कवच, विपक्ष कर रहा भ्रमित: परमार - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Tuesday, December 15, 2020

कृषि विधेयक किसानों के रक्षा कवच, विपक्ष कर रहा भ्रमित: परमार


रेवांचल टाईम्स - पूर्व विधायक रमेश दुवे  ने सोमबार को देश के किसानों को आश्वस्त किया कि लोकसभा से पारित कृषि सुधार संबंधित विधेयक उनके लिए रक्षा कवच का काम करेंगे और नए प्रावधान लागू होने के कारण वे अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेंगे। श्री दुवे ने विपक्षी पार्टियों, खासकर कांग्रेस पर, आरोप लगाया कि वह इन विधेयकों का विरोध कर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं और दावा किया कि इन विधेयकों के कानून बनने के बाद 21वीं सदी में भारत का किसान बंधनों में नहीं रहेगा। उन्होंने इन विधेयकों को देश की जरूरत और समय की मांग बताया। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम में न पड़ें और सतर्क रहें। ।  प्रदेश भाजपा संगठन के निर्देश पर नगर भाजपा मंडल व ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा प्रेस कांफ्रेंस स्थानीय गेस्ट हाउस में आयोजित की गई जिसमें पूर्व जिला अध्यक्ष राजू परमार,पूर्व विधायक रमेश दुबे,जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेंद्र रघुवंशी, जितेन्द्र चौरे,  ने भी हिस्सा लिया। पूर्व विधायक रमेश दुबे ने कहा, ‘‘ विश्वकर्मा जयंती के दिन लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किए गए हैं। किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे। ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग दशकों तक सत्ता में रहे हैं और देश पर राज किया है, वे लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं ओर उनसे झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जिस एपीएमसी एक्ट को लेकर अब ये लोग राजनीति कर रहे हैं, एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी। लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर उतर आए हैं। दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है,’’  भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष  ने कहा कि केंद्र की सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी, कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद दुनिया में कहीं भी बेच सकता है। जहां चाहे वहां बेच सकता है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष परमार ने कहा कि किसानों को अपनी उपज कहीं पर भी किसी को भी बेचने की आजादी देना बहुत ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी में भारत का किसान बंधनों में नहीं रहेगा। भारत का किसान खुलकर खेती करेगा। जहां मन होगा, अपनी उपज बेचेगा। जहां ज्यादा पैसा मिलेगा, वहां बेचेगा। किसी बिचौलिए का मोहताज नहीं रहेगा। यह देश की जरूरत है और समय की मांग भी है।’’ श्री परमार ने कहा कि किसानों के लिए जितना राजग शासन में पिछले छह वर्षों में किया गया है, उतना पहले कभी नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज देश के किसानों को बड़ी नम्रता पूर्वक अपनी बात बताना चाहता हूं। संदेश देना चाहता हूं। आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए। इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना बहुत जरूरी है, ऐसे लोगों से सावधान रहें, जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं। वे लोग आज किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विधेयकों का विरोध करने वाले किसानों को अनेक बंधनों में जकड़ कर रखना चाहते हैं। ‘‘वे लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं...किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं।’

No comments:

Post a Comment