रेवांचल टाईम्स - वन विभाग निवास के नजदीक दीपक पहाड़ी में आज से लगभग पंद्रह साल पहले रोपित किये गए पेड़ो को ग्रामीणों द्वारा काटकर ढोने की होड़ मच गई थी। तब लगभग 100/110 झाड़ पेड़ो का कत्लेआम किया गया था।
जानकारी मिलने पर वहाँ गया और कॉवरेज कर खबर चली और प्रशासन में हड़कंप मच गया था आनन् फानन में जंगल पहुँचा वन अमला काटे गए वृक्षों की गिनती और चिन्हित कर हेमर लगाया गया था साथ ही सम्बंधित बीट गार्ड पर विभागीय कार्यवाही कर अन्यत्र ट्रांसफर किया जाकर गाँव से एक एक आदमी से काटे गए झाड़ो के हिस्से बटोरा और जब्त किया गया था।
आज विभाग की कार्यप्रणाली बिल्कुल अलग है?
हद दर्जे की विभागीय लापरवाही से जहाँ पिछले दिनों जिल्हटी बीट क्रमांक 660 हनुमान टेकरी में लगभग 500 से 700 से ज्यादा झाड़ पेड़ो को कई दिनों से काटा गया है और जो जंगल पहले हरा भरा था अब वह वीरान दीखाई दे रहा है यहाँ विभाग कैसी देखभाल करता है इसकी बानगी जंगल और मंदिर जाने बने रास्ते के दायें बायें देखकर लगाया जा सकता है जहाँ दोनों ओर काटे गए पेड़ो के ठूंठ ही ठूंठ नजर आ रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि इस बीट का कर्मचारी कभी जंगल में घुसकर हालात देखने की जहमत ही नहीं उठाया? उक्त अवैध कटाई से विभाग का उदासीन रवैया मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
और इनके जिम्मेदार इनवाती महोदय (डिप्टी रेंजर) कह रहे हैं कि गांव के लोग बाड़ी लगाने झाड़ियों को काटकर ले गये है।
अभी भी उक्त जगह के पिछले हिस्से में कुल्हाड़ियाँ चल ही रहीँ हैं और जिम्मेदार विभाग मौन।


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