रेवांचल टाईम्स - ताजा मामला बीट क्रमांक 305 कटंगसिवनी का सामने आ गया जहाँ इनका बीटगार्ड महीनों से अपने क्षेत्र की निगरानी का दायित्व छोडकर जाने कहाँ समय व्यतीत कर रहा है? इस बीट के जंगल में जब घुसकर देखा गया तो यहाँ भी वैसा ही कुछ नजारा दिखा जैसा बीट 660 में मिला था।
यहाँ वारिश के समय से लगातार सर बोझ में लकड़ी बेचने वाले पनप रहे झाड़ो पर कुल्हाड़ी चलाकर पहले छोड़ देते हैं फिर कुछ बजन हल्का हो जाने पर गट्ठर बांधकर सरे बाजार बेच रहे हैं।
जिससे भविष्य में बड़े होने वाले झाड़ समूल नष्ट हो रहे हैं यहाँ दीखाई दे रहे ठूंठ इस बात को चीख चीखकर कह रहे हैं कि हमें कुछ माह या सालों के दौरान ही काटा गया है जो अब पुनः उठ खड़े होने की जद्दोजहद कर रहे हैं। जंगल में बने टेढ़े मेढ़े रास्ते भी गवाही दे रहे हैं कि पेड़ो के काटने वाले पूरे जंगल में आवाजाही करते हैं यहाँ पर भी साजा और धवा के पेड़ो को बड़ी तादाद में काटकर ठूंठों को जलाकर सबूत दफ़न करने का दुष्कृत्य किया गया है, बडा सवाल?आखिर विभाग है किसलिये जंगल बचाने या उजड़वाने ।
जंगल में दिन भर रहने के बाद भी हमें यहाँ का बीट गार्ड न जंगल में दिखा न जंगल से लगी रोड पर??


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