रेवांचल टाईम्स - बीते दिन शुक्रवार की दोपहर कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्थित कोषालय कार्यालय में उस समय अफरातफरी मच गई जब ट्रेजरी आफीसर की प्रताड़ना के कारण सहायक कोषालय अधिकारी राजेंद्र सोनी बेहोश हो गये और उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया।
कोषालय कार्यालय में इन दोनों अधिकारियों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा है जिसके कारण ATO राजेन्द्र सोनी करीब तीन माह तक मेडिकल लीव में चल रहे थे । अभी श्री सोनी को डियूटी पर लौटे पखवाड़ा भी नहीं बीता था कि कोषालय अधिकारी मंडलोई ने अपने से करीब 20 - 22 साल बड़े अधीनस्थ अधिकारी पर आवेशित गुस्सा उतारते हुए हद पार कर इतना अपनानित किया कि श्री सोनी डर से कांपते हुए कार्यालय में बेहोश हो गए इस पर भी मंडलोई शांत नहीं हुए और उनकी अपशब्दों की बौछार चालू रही और उन्होंने बेहोश सहकर्मी को अस्पताल पहुंचाने की संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
इस घटना की जानकारी जब श्री सोनी के पारिवारिक मित्र एडवोकेट नरेन्द्र चौरसिया को मिली तो तत्काल कोषालय कार्यालय परिसर पहुंचे और इस घटना को शर्मनाक बताते हुए बेहोश श्री सोनी को अस्पताल ले गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। श्री सोनी की इस मदद से मंडलोई इतना विफर गये कि उन्होने वरिष्ठ अधिवक्ता नरेन्द्र चौरसिया के खिलाफ जातिगत अपमान किये जाने का आवेदन सिटी कोतवाली पुलिस को देकर कार्यवाही की मांग की ।
जबकि इस घटना की जानकारी मिलने पर राजेन्द्र सोनी की बेटी कार्यालय पहुंचकर मंडलोई से कारण जानने की कोशिश की रही थीं तो आवेशित जितेंद्र कुमार मंडलोई ने उनके साथ भी अश्लीलता की सीमा पार कर डाली जिसको लेकर सोनी की बेटी ने मंडला सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है ।
मंडलोई अपने पद के नशें में इतने चूर है कि वे अकारण अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को अपमानित करते रहते हैं और विरोध करने पर हरिजन आदिवासी अधिनियम में फंसाने की धमकी देते हैं ।

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