रेवांचल टाईम्स - पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे ने वैसे तो संपूर्ण देश में यात्री ट्रेनों को प्रारंभ करने की सूचना दे दी है लेकिन यदि बात की जाए नैनपुर से होकर जाने वाली ट्रेनों की तो 21 दिन के लॉकडाउन के खत्म होने के बाद सेवाओं को दोबारा चालू करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं. रेलवे के रनिंग स्टाफ, गार्ड, TTE, सुरक्षाकर्मियों और दूसरे अधिकारियों को कोरोना वायरस लॉकडाउन के खत्म होने पर सेवाओं को दोबारा शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
तारीख पर अभी फैसला नहीं
जहां रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रेलवे सेवाओं को शुरू करने के लिए तैयार है, रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन को बताया कि ट्रेन के संचालन को शुरू करने के लिए किसी तारीख पर अभी फैसला नहीं लिया गया है. ट्रेनें सरकार से नोटिफिकेशन मिलने के बाद ही दौड़ना शुरू होंगी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने एक मंत्रियों का समूह बनाया है जो इन मुद्दों में देखेगा और फैसला लेगा. रिपोर्ट के मुताबिक सभी रेलवे जोन को एक प्लान जारी किया गया है और इसके साथ ही जो ट्रेनें दौड़ेंगी उनका कार्यक्रम, रेक की उपलब्धता और उनकी फ्रिक्वेंसी भी उपलब्ध कराई गई है. सभी 17 जोन को अपनी संबंधित सेवाओं को शुरू करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है.
लेकिन किसी भी प्रकार का दिन तारीख या समय निर्धारित नहीं किया गया है।
ट्रेनों के पुनः प्रारंभ ना होने में जिले के प्रतिनिधियों की घोर लापरवाही
वैसे तो हमारे जिले में यदि नैनपुर तहसील की बात की जाए तो नैनपुर नगर पालिका से लेकर केंद्र तक बीजेपी की सरकार है।और हमारे जिले के सांसद जो कि केंद्र सरकार में मंत्री पद पर भी हैं।
लेकिन किसी भी प्रकार का दबाव रेलवे विभाग में उनके द्वारा नहीं बनाया गया जिससे कि यात्री ट्रेनों का आवागमन पुनः जल्दी प्रारंभ किया जाए।
वही नगर के प्रतिनिधि भी निरंतर चुप्पी साधे हुए हैं उन्होंने किसी भी प्रकार से रेलवे के आला अधिकारियों से वार्तालाप नहीं किया या फिर यह जानने का प्रयास नहीं किया कि यात्री ट्रेनों का गोंदिया जबलपुर वाया नैनपुर से आवागमन पुनः प्रारंभ ना करने का कारण क्या है
बल्कि जनमानस के पूछने पर प्रतिनिधि गैरजिम्मेदाराना जवाब देते हैं।उनके द्वारा कहा जाता है कि अभी कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक है जिसकी वजह से सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का दिशा निर्देश नहीं दिया गया है। लेकिन यदि देखा जाए तो केवल गोंदिया जबलपुर रूट पर ही ट्रेनों का आवागमन नहीं हो रहा है बल्कि देश में अन्य जगह यात्री ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर पुनःप्रारंभ हो चुकी है क्या वहां कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं है।
कुछ प्रतिनिधियों का तो यह भी मानना है कि देश में चल रहे किसान आंदोलन की वजह से ट्रेनों के आवागमन में रोक लगाई गई है।
जबकि यदि देखा जाए तो मध्य प्रदेश के मंडला जिले में किसी भी प्रकार का किसान आंदोलन नहीं किया गया है।
वही रेलवे विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि हमने अपनी सारी तैयारियां कर ली है और हम 100% यात्री ट्रेनों के आवागमन को पुनः प्रारंभ करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।लेकिन मध्यप्रदेश शासन या केंद्र शासन का हमें अभी तक किसी भी प्रकार का दिशानिर्देश नहीं मिला है जिसकी वजह से हम पुनः यात्री ट्रेनों के आवागमन को प्रारंभ करने में असमर्थ हैं।

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