रेवांचल टाइम्स आज 21 दिसंबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में टीएल बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर दीपक आर्य ने शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमा महेश्वरी, अपर कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए, शिवगोविंद मरकाम एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना का लक्ष्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
कलेक्टर आर्य ने बैठक में सर्वप्रथम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना की प्रगति की जानकारी ली और नगरीय निकायो के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजना के लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण बैंकों को प्रेषित करें और उनमें बैक से शीघ्र ऋण स्वीकृत करायें जिन नगरीय निकायों में लक्ष्य से कम प्रकरण बैंकों को प्रेषित किये गये है उनमें पात्र हितग्राहियों के प्रकरण तेजी से तैयार करने के निर्देश दिये गये उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए बैठक में बताया गया कि बालाघाट जिले में इस योजना के अंतर्गत 4457 हितग्राहियों को बिना ब्याज का 10-10 हजार रुपये का ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। नगरीय क्षेत्र बालाघाट के 1896 हितग्राहियों को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन इस लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 1322 प्रकरण ही बैंक में जमा किये गये है नगर पंचायत लांजी में 349 के लक्ष्य के विरूद्ध 600 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किये गये है मिलावटी एवं एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री विक्रेताओं पर सक्ष्त कार्यवाही के निर्देश कलेक्टर आर्य ने बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत खाद्य सामग्री तैयार करने एवं विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों की सतत जांच करें । जांच के दौरान राजस्व अधिकारियो के साथ ही पुलिस को भी रखा जाये। जांच के दौरान खाद्य सामग्री के सेंपल टेस्ट के लिए एकत्र किये जायें और एक्सपायरी डेट की एवं दूषित खाद्य सामग्री पाये जाने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराने की कार्यवाही करें। मिलावटी, एक्सपायरी डेट की एवं दूषित खाद्य सामग्री विक्रय करने वालों के विरूद्ध नियमों के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये।
मोबाईल लैब में 10 रुपये में करायें खाद्य सामग्री की जांच
बैठक में बताया गया कि खाद्य सामग्री की मौके पर ही जांच के लिए बालाघाट जिले को एक मोबाईल लैब प्राप्त हुई है। इस चलित लैब मे कोई भी व्यक्ति मात्र 10 रुपये के शुल्क पर खाद्य सामग्री में मिलावट है या नहीं इसकी जांच करा सकता है। इस चलित लैब से आटा, धनिया, मिर्च, मासाला, हल्दी आदि के पावडर एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की जांच कराई जा सकती है कलेक्टर आर्य ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस चलित लैब का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं आम जन को इसका अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये
आयुष्मान कार्ड बनाने शिविर लगाने के निर्देश बैठक में कलेक्टर आर्य ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जिले के सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवायें। लोक सेवा केन्द्रों एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से शिविर लगाकर सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलायें। नगरीय क्षेत्रों में वार्ड वार एवं श्रमिकों के आश्रय स्थलों पर शिविर लगायें। विशेषकर बुढ़ी, गंगानगर, सरेखा, कोसमी, बैहर चौकी, भटेरा चौकी, मोतीनगर, गायखुरी में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाये जायें। जिले की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता, सहायिका एवं आशा कार्यकर्त्ता के भी आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिये गये आयुष्मान भारत निरामयम योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष पात्र परिवार को गंभीर बीमारियों में 5 लाख रूपये तक के निःशुल्क उपचार का लाभ दिया जाता है। इस योजना में सभी संबल कार्ड धारी, खाद्यान पर्ची धारी एवं ऐसे सभी लोग जिनका नाम एस.ई.सी. सूची में हैं, वे सभी आयुष्मान कार्ड के लिए पात्र है। पात्र व्यक्ति आयुष्मान कार्ड अपने पास के लोक सेवा केन्द्र, कॉमन सर्विस सेंटर एवं ग्राम पंचायत भवन में जाकर बना सकतें है। कार्ड बनवाने के लिए अपनी परिवार समग्र आई.डी., आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड इनमे से कोई भी दस्तावेज लेकर पहुंचना है। ऐसे परिवार जिनमें मुखिया का आयुष्मान कार्ड बना है। वे अपने परिवार के अन्य सभी सदस्यों का कार्ड बनवाएं। आयुष्मान कार्ड की सेवा प्राप्त करने के लिए निर्धारित शुल्क 30 रूपये नियत है लंबित पेंशन प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश
कलेक्टर आर्य ने बैठक में विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पेंशन अधिकारी को निर्देशित किया कि सेवाविृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण सेवानिवृत्ति के 06 माह पूर्व से ही बनाना प्रारंभ करें और जिन कार्यालय प्रमुखों द्वारा पेंशन प्रकरण समय पर प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है उनके विरूद्ध कार्यवाही के लिए प्रस्ताव दें। शासन की मंशा है कि कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के साथ ही उसके सभी स्वत्वों का भुगतान कर दिया जाये। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण तैयार करने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होना बैठक में सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करें आनलाईन प्राप्त होने वाले प्रकरणों की हर दिन समीक्षा करें और शिकायत कर्त्ता से मोबाईल पर सम्पर्क कर उसके प्रकरण पर की गई कार्यवाही की जानकारी दें


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