रेवांचल टाईम्स - मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर इतने चिंतित हैं कि उन्हें लगता है पता नहीं कब नोकरी चली जाए कब कब दुर्घटना का शिकार हो जाएं क्योंकि उनको विभाग की अन्य योजनाओं का कार्य भी करना पड़ रहा है साथ ही किसी तरह को कोई बीमा सुविधा व ब्लॉक स्तर पर प्रतिदिन लगभग 80 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है इसके बाबजूद भी किसी तरह का फील्ड भत्ता नहीं दिया जाता है ,साथ मे अपनी योजना में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त कर आत्मनिर्भर बनाने के काम के साथ साथ ग्रामीण विकास की अनेक योजनाओं का कार्य भी इनको ही करना पड़ता है जैसा कि स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार प्रसार हो य मनरेगा में पशु सेड निर्माण, हो य रोजगार के क्षेत्र में वेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने य स्वरोज करवाने का काम हो कोरोना काल मे मास्क, सेनेटाइजर, पी पी ई किट का निर्माण हो य हाल ही में गोशाला संचालन का कार्य भी महिला समूहों को जोड़कर ब्लॉक स्तरीय मिशन कर्मियों द्वारा किया जाता है इतने सब कार्य होने के बाद भी मिशन राज्य कार्यालय द्वारा इन ब्लॉक स्तरीय कर्मियो को नाम भी पद के विपरीत दिया गया है जो शासन द्वारा स्वीकृत सेटअप अनुसार से सहायक विकास खंड प्रबंधक होना चाहिए व उसके स्थान पर समूह प्रेरक दिया गया है जो उनके आत्म सम्मान के विरुद्ध हैं हर कार्य को अतिआवश्यक कहकर दो दिन में मांगा जाता है जिससे कर्मचारी काम न हो पाने के कारण अपनी सेवाओं को निरंतर हेतु असुरक्षित महसूस करते हैं य फिर हड़बड़ी के कारण रास्ते मे आते जाते समय दुर्घटनाओं का शिकार होते है जिसके उदाहरण के रूप में देखें तो 3 मिशनकर्मियों ने अभी विगत माह अपनी जान ही गवा दी जिनका परिवार बेघर हो गया है जिन्हें शासन द्वारा किसी भी तरह की मदद नहीं दी गई है राजगढ़ जिले के आशीष पांडेय कोरोना से ,बालाघाट के सुशील कशार भी कोरोना से व देवास जिले के विवेक त्रिवेदी हार्ट अटैक से जान गवा चुके हैं जिनके परिवार को शासन से कोई मदद नहीं दी गई जबकि मिशन कर्मचारी अधिकारी संघ ने शासन से पत्र के माध्यम से माँग भी की है एवं अभी कम से कम 50 लोग दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं जो घरों में इलाज करवा रहे हैं परंतु बार बार मांग करने के बाद भी शासन द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है जिससे प्रदेश के लगभग 2000 मिशनकर्मियों में भारी असंतोष पनप रहा है जो आने वाले समय मे आंदोलन का रूप लेगा इसी तरह की मांगों के निराकरण हेतु राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कर्मचारी अधिकारी संघ ने विभाग के मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया व अपर मुख्य सचिव से मांग की है जिस पर दोनों ने मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया है मांगे पूरी न होने से कर्मचारी आंदोलन की राह देखेंगे उक्त आशय की जानकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष लीलाधर अहिरवार ने दी है


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